नोएडा की सुपरनोवा सोसाइटी ने बदला रेंटल नियम, बैचलर्स और छात्रों की बढ़ सकती है मुश्किल

Kittu Kumari4 October 20262 min read0 viewsNCR
नोएडा की सुपरनोवा सोसाइटी ने बदला रेंटल नियम, बैचलर्स और छात्रों की बढ़ सकती है मुश्किल

नोएडा की पॉश सुपरनोवा सोसाइटी में अब घर किराए पर देना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। सुपरनोवा अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (SNAOA) ने 'टेनेंसी, ऑक्यूपेंसी एंड रेजिडेंट कंडक्ट पॉलिसी-2026' लागू की है, जिससे बैचलर्स और छात्रों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस नई रेंटल पॉलिसी के तहत अब फ्लैट मालिकों को परिवार और कामकाजी प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।

सोसाइटी द्वारा 3 अक्टूबर 2026 को मंजूर की गई इस पॉलिसी के मुताबिक, अगर किसी फ्लैट में बैचलर या छात्र रह रहे हैं, तो उन्हें एक महीने का नोटिस देकर घर खाली कराया जा सकता है। हालांकि, अगर मकान मालिक उन्हें रखना चाहता है, तो उसे अब एक नई बनी 'टेनेंसी कमेटी' के पास आवेदन करना होगा और उनकी मंजूरी लेनी होगी।

पीजी और शॉर्ट-टर्म रेंटल पर पूरी तरह पाबंदी

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सोसाइटी ने अब अपने रेजिडेंशियल फ्लैट्स को हॉस्टल, डोरमिटरी, पीजी या एयरबीएनबी (Airbnb) और ओयो (Oyo) जैसे शॉर्ट-टर्म रेंटल यूनिट्स के तौर पर इस्तेमाल करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह सख्त कदम हालिया कुछ घटनाओं के बाद उठाया गया है। 2 अक्टूबर को तुषार शर्मा नाम के एक ऑपरेटर ने सुरक्षा बैरियर को टक्कर मार दी थी, जिसके बाद सेक्टर 126 पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। वहीं, 3 अक्टूबर को सुपरनोवा स्पाइरा बिल्डिंग की 43वीं मंजिल से एक 29 वर्षीय व्यक्ति के गिरने से मौत हो गई, जिसका कारण मानसिक तनाव बताया गया।

अब सभी किराएदारों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। मकान मालिकों को किराएदार की पहचान, संपर्क विवरण, स्थायी पता, इमरजेंसी कांटेक्ट, गाड़ी की जानकारी और रेंट एग्रीमेंट की पूरी डिटेल सोसाइटी एसोसिएशन को देनी होगी।

एसोसिएशन का कहना है कि वह कानूनी तौर पर किसी को घर खाली करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता, लेकिन हिंसा, अवैध हथियार या आपराधिक गतिविधियों की रिपोर्ट मिलने पर वह तुरंत स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय करेगा। इस पूरी कवायद का मकसद भीड़भाड़ रोकना और रेजिडेंशियल फ्लैट्स को कमर्शियल लॉजिंग में बदलने से रोकना है, हालांकि कानूनी जानकारों का मानना है कि वैवाहिक स्थिति के आधार पर ऐसे भेदभावपूर्ण नियम चुनौती दिए जा सकते हैं।

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