नोएडा के प्रयाग अस्पताल में डॉक्टरों का कमाल, 23 साल की युवती की जटिल सर्जरी कर बचाई जान
नोएडा के प्रयाग अस्पताल के डॉक्टरों ने 23 साल की युवती की जटिल ओवेरियन सिस्ट की सफल लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की।

उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित प्रयाग हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी कुशलता साबित की है। अस्पताल के विशेषज्ञों ने 23 वर्षीय एक युवती की इमरजेंसी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कर उसे एक गंभीर बीमारी से निजात दिलाई है। यह युवती पेट में तेज दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में पहुंची थी, जिसके बाद जांच में उसके शरीर के अंदर एक बड़ी गांठ (बनाइन ओवेरियन टेराटोमा) पाई गई।
जांच के दौरान पता चला कि ओवरी में मौजूद यह लीजन (गांठ) लगभग 7 × 8 × 8 सेंटीमीटर आकार की थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल की कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. गरिमा श्रीवास्तव ने तुरंत आपातकालीन लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का फैसला लिया।
बिना किसी रिस्क के निकाली गई गांठ
सर्जरी के दौरान डॉक्टरों की टीम ने बेहद सावधानी से 'एन-ब्लॉक सिस्टेक्टोमी' प्रक्रिया को अंजाम दिया। डॉक्टरों का मुख्य उद्देश्य यह था कि सिस्ट को बिना फाड़े या बिना किसी रिसाव के पूरी तरह बाहर निकाल लिया जाए। इस जटिल ऑपरेशन की सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि युवती के स्वस्थ ओवेरियन टिश्यू को सुरक्षित रखा गया, ताकि भविष्य में उसकी प्रजनन क्षमता (reproductive potential) पर कोई असर न पड़े।
ऑपरेशन के बाद मरीज की सेहत में तेजी से सुधार देखा गया। पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी उम्मीद के मुताबिक रही और सर्जरी के ठीक एक दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने युवती को घर जाकर फॉलो-अप केयर के निर्देश दिए हैं और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।