नोएडा पुलिस की बड़ी कामयाबी: दिल्ली से छुड़ाई किडनैप नवजात बच्ची, सरकारी योजना का दिया था झांसा

नोएडा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर 110 के सरकारी अस्पताल से अगवा की गई तीन दिन की मासूम बच्ची को सुरक्षित बचा लिया है। यह पूरी वारदात शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को हुई, जिसमें पुलिस ने महज 10 घंटों के भीतर बच्ची को दिल्ली के करावल नगर इलाके से बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब सपना और गौतम नंदन की बेटी का जन्म 6 अक्टूबर को भांगेल मैटरनिटी चाइल्ड हॉस्पिटल में सी-सेक्शन के जरिए हुआ था। बच्ची की देखभाल उसकी नानी रक्षा देवी कर रही थीं। इसी दौरान उपासना नाम की एक 26 वर्षीय महिला, जो मूल रूप से बागपत की रहने वाली है और भांगेल में रहती है, ने परिवार का भरोसा जीता। उसने परिवार को उत्तर प्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' के तहत 2,500 से 4,000 रुपये की आर्थिक मदद दिलाने का झूठा वादा किया।
विश्वास जीतकर किया किडनैप
दो दिनों तक परिवार का विश्वास जीतने के बाद, 9 अक्टूबर की सुबह उपासना ने बच्ची की देखभाल करने का प्रस्ताव रखा। उसने परिवार से कहा कि कागजी कार्रवाई के लिए बच्ची को उसके साथ ले जाना जरूरी है, और जैसे ही उसे मौका मिला, वह मासूम बच्ची को लेकर फरार हो गई।
परिजनों की शिकायत मिलते ही फेज 2 पुलिस स्टेशन ने तुरंत एक्शन लिया और तीन अलग-अलग टीमें गठित की गईं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें उपासना को एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर जाते देखा गया। लोकल इंटेलिजेंस और तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस की टीम दिल्ली के करावल नगर पहुंची, जहां से बच्ची को बरामद किया गया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी उपासना और उसके भाई कपिल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। वारदात में इस्तेमाल एक बिना नंबर प्लेट वाला स्कूटर भी जब्त किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 137(2) (अपहरण) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी में दिख रहे उस अज्ञात व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने इस वारदात में मदद की थी।