नोएडा में विवेचना में लापरवाही और गलत बैंक खाता फ्रीज करने पर साइबर इंस्पेक्टर समेत दो पुलिसकर्मी निलंबित

नोएडा में साइबर अपराध से जुड़े एक मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने का बड़ा मामला सामने आया है। थाना बिसरख में तैनात साइबर निरीक्षक देवेंद्र कुमार और सब इंस्पेक्टर मुनींद्र सिंह को उनके पद से निलंबित कर दिया गया है। इन दोनों पुलिसकर्मियों पर यह सख्त कार्रवाई विवेचना के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने और एक गलत बैंक खाते को फ्रीज कराने के कारण की गई है। इस खबर से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
गलत बैंक खाता फ्रीज कराने का मामला
मिली जानकारी के अनुसार, थाना बिसरख में साइबर अपराध से संबंधित एक मामले की विवेचना चल रही थी। इसी विवेचना के दौरान पुलिसकर्मियों ने अपनी कार्रवाई में एक बैंक खाते को फ्रीज करा दिया था। मुख्य आरोप यह है कि जिस खाते पर पुलिस ने कार्रवाई की, वह मामले की विवेचना में बताए गए संदिग्ध खाते के बिल्कुल विपरीत किसी अन्य निर्दोष व्यक्ति का खाता था। पुलिस की इस बड़ी गलती के कारण आम नागरिक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डी-फ्रीज न करने पर हाईकोर्ट का रुख
खाता फ्रीज होने के बाद पीड़ित खाताधारक ने व्यक्तिगत रूप से पुलिसकर्मियों से मुलाकात की थी। उसने पुलिस को स्पष्ट बताया था कि उसका खाता किसी भी साइबर मामले से संबंधित नहीं है। इसके बावजूद आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उस खाते को दोबारा डी-फ्रीज कराने के लिए कोई आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं की। खाता फ्रीज होने और पुलिसकर्मियों के कथित अभद्र व्यवहार से परेशान होकर आखिरकार खाताधारक ने न्याय के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया और वहां एक याचिका दाखिल की।
जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद इसकी जांच की गई। जांच के दौरान साइबर मामले की विवेचना में दोनों पुलिसकर्मियों की भारी लापरवाही खुलकर सामने आ गई। इसके बाद उच्च अधिकारियों ने कड़ा कदम उठाते हुए साइबर निरीक्षक देवेंद्र कुमार और सब इंस्पेक्टर मुनींद्र सिंह के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई कर दी है। पुलिस विभाग में इस प्रकार की लापरवाही को लेकर अब आगे की प्रक्रिया जारी है।