नोएडा में सांप्रदायिक हिंसा की खबरें निकलीं झूठी, भ्रामक पोस्ट डालने वालों पर पुलिस का एक्शन
नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही सांप्रदायिक हिंसा की अफवाहों को खारिज कर भ्रामक पोस्ट डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा में सांप्रदायिक हिंसा और टकराव की जो खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही थीं, पुलिस ने उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया है। नोएडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये तमाम दावे पूरी तरह से गलत और आधारहीन हैं। नोएडा सांप्रदायिक हिंसा अफवाह के जरिए शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिसके बाद अब पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाकर लोगों के बीच भ्रम और डर पैदा करने की कोशिश की गई, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अब उन अकाउंट्स और लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने इन अफवाहों को हवा दी।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई
नोएडा पुलिस के लिए यह पहली बार नहीं है जब उसे इस तरह की चुनौती का सामना करना पड़ा हो। साल 2026 की शुरुआत से ही गौतम बुद्ध नगर में भड़काऊ और गलत सूचनाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्रा ने पहले भी साफ किया था कि सार्वजनिक शांति को खतरे में डालने वाली अफवाहों की तकनीकी जांच की जाएगी और दोषियों पर एफआईआर दर्ज होगी।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 के तहत उन सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स, राजनीतिक हस्तियों और एक्टिविस्ट समूहों पर कार्रवाई की जा रही है, जो समाज में तनाव पैदा करने के लिए फर्जी कंटेंट बनाते हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें।