Noida POCSO Case: मुकुल कुमार को 20 साल की सजा, 'Operation Conviction' के तहत कोर्ट का सख्त फैसला

गौतम बुद्ध नगर की एक अदालत ने 29 जुलाई, 2026 को POCSO एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में आरोपी को 20 साल की कठोर सजा सुनाई है। पुलिस की प्रभावी पैरवी के कारण आरोपी पर कुल 80,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के 'Operation Conviction' अभियान का हिस्सा है।
- आरोपी का नाम मुकुल कुमार है, जो सेक्टर-22, नोएडा का निवासी है।
- सजा 'Operation Conviction' के तहत दिलाई गई है।
- कुल 80,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस की प्रभावी पैरवी और 'Operation Conviction'
नोएडा के सेक्टर-24 पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 64/2022 के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने इस केस में बेहद मजबूत पैरवी की। उत्तर प्रदेश के डीजीपी के निर्देश पर शुरू किए गए 'Operation Conviction' अभियान के तहत पुलिस ने साक्ष्यों को अदालत के सामने पेश किया, जिससे आरोपी को दोषी साबित करने में मदद मिली।
अदालत का फैसला और सजा का विवरण
अदालत ने मुकुल कुमार (पिता कन्हैया लाल) को POCSO एक्ट की धारा 6 और 10 के साथ ही IPC की धारा 506 के तहत दोषी पाया। मुकुल को POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल की कठोर कैद और 50,000 रुपये का जुर्माना सुनाया गया है। इसके अलावा, धारा 10 में 7 साल की सजा और 20,000 रुपये जुर्माना, तथा IPC धारा 506 के तहत 2 साल की सजा और 10,000 रुपये का अर्थदंड तय किया गया है।
जुर्माना न भरने पर बढ़ेगी जेल की अवधि
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी जुर्माना राशि का भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में आरोपी की जेल की अवधि में क्रमशः एक साल, एक महीने और एक महीने की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। इस फैसले को नोएडा में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में एक बड़ी कानूनी जीत के रूप में देखा जा रहा है।