ऑपरेशन कन्विक्शन: नोएडा में हत्या के मामले में पांच दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत गौतमबुद्धनगर पुलिस की प्रभावी पैरवी से जारचा थाने के हत्या के मामले में अदालत ने पांच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर विभिन्न धाराओं में कठोर कारावास और अर्थदंड भी लगाया गया है।
- थाना जारचा में मुकदमा अपराध संख्या 230/2020 दर्ज किया गया था।
- अदालत ने ललित, अनिल, अजय, दर्शन और कपिल को दोषी माना है।
- सभी दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माना सुनाया गया है।
मुकदमे की जानकारी और धाराएं
पुलिस के अनुसार थाना जारचा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 230/2020 में धारा 147, 148, 149, 323, 325, 302 और 120बी भादवि के तहत कार्रवाई की गई थी। मॉनिटरिंग सेल, थाना जारचा पुलिस और अभियोजन इकाई की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने ललित उर्फ लवली, अनिल उर्फ बन्टी, अजय, दर्शन और कपिल को दोषी माना। अदालत ने धारा 147 के तहत सभी दोषियों को दो वर्ष के कठोर कारावास तथा धारा 148 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। धारा 323 के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास भी दिया गया है।
दोषियों का विवरण और सजा
धारा 325 के तहत अभियुक्त ललित उर्फ लवली पुत्र अजय वर्तमान एवं स्थायी पता ऊॅचा अमीरपुर जारचा गौतमबुद्धनगर, अनिल उर्फ बन्टी पुत्र जयवीर निवासी ऊॅचा अमीरपुर जारचा गौतमबुद्धनगर अजय पुत्र उदयवीर निवासी ऊॅचा अमीरपुर जारचा गौतमबुद्धनगर, दर्शन पुत्र बन्टी निवासी ऊॅचा अमीरपुर जारचा गौतमबुद्धनगर तथा कपिल पुत्र सरजीत निवासी ग्राम खेडी थाना खतौली जिला मुजफ्फरनगर को दोषी पाते हुए कठोर कारावास से दंडित किया गया है।
आजीवन कारावास और अर्थदंड
हत्या से संबंधित धारा 302/149 के तहत अभियुक्त ललित और अजय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। ललित पर 40 हजार रुपये और अजय पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर क्रमश: छह माह और तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी धारा के तहत दोषी कपिल, अनिल और दर्शन को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। तीनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने कहा है कि “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत अपराधियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।