नोएडा: दिवाली बोनस के फर्जी दावों पर प्रशासन सख्त, अफवाह फैलाने वालों पर FIR दर्ज
नोएडा में दिवाली बोनस के नाम पर सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबरों पर प्रशासन ने लिया एक्शन, FIR दर्ज। जानें क्या हैं असल नियम।

नोएडा में दिवाली के मौके पर सोशल मीडिया के जरिए लेबर बोनस को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एडिशनल लेबर कमिश्नर राकेश द्विवेदी ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कुछ शरारती तत्व गलत सूचनाएं फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा था जिसमें दावा किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सभी सरकारी विभागों और निजी कंपनियों को 5 नवंबर तक वेतन के साथ 5,100 रुपये का दिवाली बोनस देना होगा। प्रशासन ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह झूठ बताया है।
किन्हें मिलेगा बोनस और क्या हैं नियम?
भ्रम को दूर करने के लिए एडिशनल लेबर कमिश्नर ने बोनस भुगतान के लिए जरूरी पात्रता शर्तों को विस्तार से समझाया है। उनके अनुसार:
- कार्य अवधि: बोनस पाने के लिए कर्मचारी का वित्तीय वर्ष 2025-26 (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026) के दौरान कम से कम 30 दिन काम करना अनिवार्य है।
- कंपनी की स्थिति: बोनस तभी देय होगा जब संबंधित कंपनी कम से कम पांच साल पुरानी हो और मुनाफे में चल रही हो।
- नई नियुक्तियां: जो कर्मचारी 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद कंपनी से जुड़े हैं, वे अगले वर्ष बोनस के पात्र होंगे।
- डेडलाइन: बोनस वितरण की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 तय की गई है।
राकेश द्विवेदी ने सभी श्रमिकों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी असत्यापित संदेश पर भरोसा न करें और न ही इनके आधार पर किसी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई संदेह है, तो वे सीधे लेबर विभाग, पुलिस या जिला प्रशासन से संपर्क कर सच्चाई जान सकते हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अफवाहें फैलाकर शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।