नोएडा में इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 शुरू, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने निवेशकों को दिए बड़े ऑफर

इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 का आयोजन ग्रेटर नोएडा में किया गया है। इस कार्यक्रम से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
* ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने निवेशकों से उत्तर प्रदेश में कहीं भी प्लांट लगाने की अपील की है।
* मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बदली है और माहौल निवेश के अनुकूल है।
* एक्सपो में 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं।
* उत्तर प्रदेश में देश के 30 फीसदी से अधिक सीबीजी प्लांट मौजूद हैं।
ग्रेटर नोएडा में इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 का शुभारंभ
प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने देश-विदेश के निवेशकों से उत्तर प्रदेश में बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आप आइए और उत्तर प्रदेश में कहीं भी अपने प्लांट लगाइए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। सुरक्षित, शांतिपूर्ण और निवेश के अनुकूल माहौल के चलते उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए भरोसेमंद डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। यह कार्यक्रम मंगलवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 (IBET) के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बायोएनर्जी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। पीएम सूर्य घर योजना और सीबीजी उत्पादन में प्रदेश के आगे होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
कृषि अवशेष और कचरे को ऊर्जा में बदलने पर जोर
ए.के. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था, गन्ना उत्पादन, कृषि अवशेष, जैविक अपशिष्ट और नगरीय ठोस कचरे में बायोएनर्जी की बड़ी संभावनाएं हैं। इन संसाधनों के तकनीकी उपयोग से स्वच्छ ऊर्जा के साथ किसानों, युवाओं और उद्योगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कचरे को समस्या नहीं, बल्कि ऊर्जा, रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर के रूप में देखने की जरूरत है। सीबीजी, बायोगैस, बायोमास और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसी तकनीकें स्वच्छ ऊर्जा के साथ कचरा प्रबंधन और सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत कर सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में देश के 30 फीसदी से अधिक सीबीजी प्लांट
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि विशाल कृषि संसाधन, बढ़ता सीबीजी इकोसिस्टम और मजबूत नीतिगत समर्थन उत्तर प्रदेश को बायोएनर्जी ट्रांजिशन में प्रमुख शक्ति बना रहे हैं। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत और यूपीनेडा के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश के 30 फीसदी से अधिक सीबीजी प्लांट हैं और प्रदेश देश का दूसरा सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादक राज्य है। उन्होंने कहा कि ‘वेस्ट टू वेल्थ’ पहल के जरिए बायोमास को ऊर्जा, आर्थिक मूल्य और किसानों के लिए टिकाऊ आजीविका में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के महानिदेशक संजय गंजू ने कहा कि प्रदेश में बायोएनर्जी निवेश के लिए जरूरी कृषि आधार, संसाधन और नीतिगत संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने निवेश, तकनीक, उद्योग और कुशल कार्यबल को एक साथ लाकर टिकाऊ बायोएनर्जी इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया।
150 से अधिक कंपनियों ने लगाए प्रदर्शनी स्टॉल
कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री ने फीता काटकर 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रदर्शनी स्टॉल का शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न कंपनियों के बायोएनर्जी, स्वच्छ ऊर्जा, नई तकनीक और नवाचार से जुड़े उत्पादों एवं समाधानों की जानकारी ली। आयोजकों के अनुसार, IBET Expo-2026 उत्तर प्रदेश की कृषि शक्ति और जैविक संसाधनों को आधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार से जोड़ने का मंच है। इससे किसानों की अतिरिक्त आय, ग्रामीण रोजगार, उद्यमिता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।