नोएडा और ग्रेटर नोएडा में AI सिटी और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, बदल जाएगी तस्वीर
यूपी सरकार ने नोएडा में AI सिटी और ग्रेटर नोएडा में PRAGATI पार्क को मंजूरी दी है, जिससे लाखों रोजगार मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा अथॉरिटी ने मिलकर शहर के भविष्य को बदलने वाली एक बड़ी योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने ग्रेटर नोएडा में 'PRAGATI' (Platform for Robotics and AI Growth Through Technology and Innovation) पार्क की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही नोएडा में एक अत्याधुनिक AI सिटी और बिजनेस पार्क विकसित करने की तैयारी है, जो आने वाले समय में तकनीक और रोजगार के नए अवसर खोलेगा।
रोजगार के नए अवसर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
ग्रेटर नोएडा में बनने वाला PRAGATI पार्क करीब 69.52 एकड़ में फैला होगा, जिसे दो जोन में बांटा गया है। पहले जोन का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत होगा, जिसमें ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की 26% हिस्सेदारी होगी। राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए 30 वर्षों के लिए 126.2 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण भी प्रदान करेगी, जबकि दूसरा जोन पूरी तरह से निजी कंपनियों द्वारा विकसित किया जाएगा। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के मुताबिक, अकेले इस पार्क से 1 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी और राज्य की अर्थव्यवस्था में सालाना 2,000 करोड़ रुपये का योगदान मिलेगा।
वहीं, नोएडा अथॉरिटी ने अपनी 224वीं बोर्ड बैठक में AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट 'डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर' मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें जमीन का मालिकाना हक अथॉरिटी के पास ही रहेगा। इसके अलावा, शहर के विकास के लिए कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं:
- वर्टिकल ग्रोथ: 45 मीटर से चौड़ी सड़कों पर ग्रुप हाउसिंग के लिए ऊपरी फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की सीमा हटा दी गई है, जिससे अब ऊंची इमारतें बन सकेंगी।
- आईटी और ऑटोमोबाइल: सेक्टर 147 में 68,000 वर्ग मीटर के प्लॉट के लिए आईटी/आईटीईएस स्कीम और सेक्टर 105 में एक इंटीग्रेटेड ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स को मंजूरी मिली है।
- सोलर पावर: पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए 15 मेगावाट की सौर ऊर्जा पहल पर भी सहमति बनी है।
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्ण करुणेश ने बताया कि उनका लक्ष्य 2030 तक 5 लाख से 6 लाख नौकरियां पैदा करना और 20,000 हेक्टेयर में फैले 'न्यू नोएडा' क्षेत्र को विकसित करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विजन को आगे बढ़ाते हुए साल 2030-31 तक राज्य में 500 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।