Noida FIR में गलत जानकारी का दावा, PM Modi ने की अभद्र टिप्पणी पर माफी की अपील

नारद और स्थानीय पाठकों के लिए यह बड़ी खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में फंसी नोएडा की एक लड़की के वकील ने FIR में गलत जानकारी होने का दावा किया है। इस खबर के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
• वकील अनिल सिंह ने 2 अगस्त 2026 को दावा किया कि FIR में आरोपी लड़की का नाम, उम्र और पेशा गलत दर्ज है।
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जुलाई 2026 को इंस्टाग्राम वीडियो में इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ऐसे बच्चों को माफ करने की अपील की।
• नोएडा पुलिस ने यह Zero FIR 29 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह की शिकायत पर दर्ज की थी।
वकील का दावा, FIR में लड़की की उम्र और पेशे की जानकारी गलत
नोएडा निवासी आरोपी लड़की का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील अनिल सिंह ने 2 अगस्त 2026 को बयान दिया कि FIR में उनकी क्लाइंट के नाम, उम्र और पेशे से जुड़ी गलत जानकारियां दर्ज हैं। वकील अनिल सिंह के अनुसार, उनकी क्लाइंट 15 साल की है और ओपन स्कूलिंग से 10वीं कक्षा की छात्रा है, जबकि FIR में कथित तौर पर उसकी उम्र 25 साल बताई गई है और उसका पेशा सैलून में काम करना लिखा गया है। वकील ने यह भी asserted किया कि यह FIR बिना किसी उचित जांच के जल्दबाजी में दर्ज की गई है और उनकी क्लाइंट को अभी तक पुलिस की तरफ से कोई भी आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने की माफी की अपील और आरोपी लड़की की प्रतिक्रिया
आरोपी लड़की की पहचान रुचिका सिंह के रूप में हुई है, जिसने इससे पहले एक वीडियो पोस्ट करके अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगी थी और दावा किया था कि वह दूसरों के प्रभाव में आ गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जुलाई 2026 को एक Instagram वीडियो में इस घटना पर बात करते हुए इन अभद्र टिप्पणियों को, जो उन्होंने बताया कि उनकी दिवंगत मां को भी लक्षित करती हैं, एक "cultural shock" बताया। प्रधानमंत्री ने दंडात्मक कार्रवाई के खिलाफ अपील करते हुए आग्रह किया कि ऐसे "गुमराह बच्चों" को माफ कर दिया जाना चाहिए और सही रास्ता दिखाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद, सिंह ने अत्यधिक राहत व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें लगा जैसे उन्हें "दूसरा जीवन मिल गया है" और वह इस माफी के लिए बेहद आभारी हैं।
Zero FIR दर्ज और दिल्ली पुलिस को मामला ट्रांसफर
यह Zero FIR मूल रूप से नोएडा पुलिस द्वारा 29 जुलाई 2026 को दर्ज की गई थी, जो सुप्रीम कोर्ट की advocate Smriti Singh की शिकायत पर आधारित थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि लड़की ने 23 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। यह FIR Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की धाराओं 352, 353(1), और 356(1) के तहत दर्ज की गई थी। चूंकि कथित अपराध दिल्ली के jurisdiction में हुआ था, इसलिए इस मामले को 31 जुलाई 2026 को दिल्ली के Special Cell/Parliament Street पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया, और वर्तमान में Delhi Police इसकी सामग्री की जांच कर रही है।