दिल्ली पुलिस ने 24 अगस्त 2026 को एक फर्जी एयरलाइन भर्ती रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह सिंडिकेट इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर युवाओं को ठगता था। इस मामले में मुख्य आरोपी 23 वर्षीय संदीप कुमार और उसके साथी 27 वर्षीय अखिल कुमार को 18 अगस्त को नोएडा से पकड़ा गया था। जांचकर्ताओं के अनुसार यह गिरोह सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए पीड़ितों को निशाना बनाता था और अनिवार्य एविएशन डिप्लोमा के नाम पर 7,000 से 10,000 रुपये वसूलता था।
इस रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने 'Bretish Airways' नामक एक फर्जी एयरलाइन के विज्ञापन पर प्रतिक्रिया दी। पीड़ित को एक महिला ने, जो खुद को HR एक्जीक्यूटिव बता रही थी, 'Future Wings Learning Institute' से 'Airport/Aviation Management diploma course' में दाखिला लेने को कहा। इसके लिए पीड़ित ने UPI के जरिए 7,000 रुपये का भुगतान किया। इसके बाद पीड़ित को जाली एडमिशन दस्तावेज और फर्जी जॉब ऑफर लेटर थमा दिए गए। इस मामले में 14 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत औपचारिक रूप से मामला दर्ज किया गया था।
अधिकारियों ने वित्तीय लेनदेन, IP डिटेल रिकॉर्ड और वेबसाइट रजिस्ट्रेशन डेटा का विश्लेषण करके आरोपियों का पता लगाया। संदीप कुमार, जो ऐसी ही अवैध कंपनियों में पहले टेली-कॉलर रह चुका था, ने नोएडा में एक ऑफिस किराए पर लिया था। उसने एक वेबसाइट डेवलपर को काम पर रखा और नौकरी चाहने वालों का डेटा खरीदा। यह कंपनी उम्मीदवारों को धोखा देने के लिए महिला टेली-कॉलर्स को काम पर रखती थी।
इस खुलासे के बाद इस क्षेत्र में इस तरह के कई अन्य मामले भी सामने आए हैं। 23 अगस्त 2026 को नोएडा पुलिस ने 'लंबोदर इंस्टीट्यूट' नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले 32 वर्षीय अजय को गिरफ्तार किया। यह कॉल सेंटर नोएडा इंटरनेशनल Airport के नाम और लोगो का गलत इस्तेमाल कर रहा था। इस मामले में 8 जुलाई को पांच अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, 13 जुलाई 2026 को SpiceJet के नाम का इस्तेमाल कर नौकरी चाहने वालों के साथ ठगी करने के आरोप में चार लोगों—सुदेश सिंह (36), बृजेश सिंह (38), अशोक सिंह (24) और संदीप कुमार तिवारी—को गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं ने बताया कि इस विशिष्ट समूह से जुड़े बैंक लेनदेन करोड़ों रुपये के हैं। विदेश मंत्रालय ने पहले ही भारतीय नागरिकों को ऐसी योजनाओं का शिकार होने से बचने के लिए विदेशी नियोक्ताओं और भर्ती एजेंसियों के साख की सख्ती से जांच करने की सलाह दी है (
Ministry of External Affairs Advisory)।