नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, 84 करोड़ के फ्लाईओवर का प्लान IIT रूरकी के पास
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत। 84.16 करोड़ की लागत से बनेगा नया फ्लाईओवर, IIT रूरकी से तकनीकी मंजूरी का इंतजार।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। नोएडा अथॉरिटी ने एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने के लिए एक नए फ्लाईओवर की तैयारी कर ली है। इस प्रोजेक्ट की Detailed Project Report (DPR) को तकनीकी जांच (Technical Vetting) के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रूरकी को भेज दिया गया है। करीब 84.16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह फ्लाईओवर क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए वरदान साबित होगा।
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश के मुताबिक, यह फ्लाईओवर 610 मीटर लंबा और 9.5 मीटर चौड़ा होगा। जैसे ही IIT रूरकी से इसकी तकनीकी मंजूरी मिल जाएगी, अथॉरिटी तुरंत टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगी ताकि जल्द से जल्द डेवलपर का चयन किया जा सके। योजना के अनुसार, निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे 18 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन सेक्टरों के निवासियों को मिलेगा सीधा फायदा
यह फ्लाईओवर खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया जा रहा है जो सेक्टर 148, 149, 150, 151, 152 और 153 में रहते हैं। वर्तमान में यहां एक संकरा अंडरपास है, जो न केवल ट्रैफिक जाम का कारण बनता है, बल्कि मानसून के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या से भी जूझता है। इस नए निर्माण से करीब 2 लाख निवासियों और आसपास के 20 गांवों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट समय की मांग है, क्योंकि सेक्टर 150 में स्पोर्ट्स सिटी और कई नई आवासीय सोसायटियों के आने से यहां आबादी और ट्रैफिक का दबाव तेजी से बढ़ा है। इस फ्लाईओवर के बनने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार भी बेहतर होगी।