नोएडा जिला अस्पताल में गिरी फॉल्स सीलिंग, बाल-बाल बचे मरीज और तीमारदार

नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल (संयुक्त जिला चिकित्सालय) से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ अस्पताल की तीसरी मंजिल पर गायनी विभाग की ओटी गैलरी में फॉल्स सीलिंग का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
* सेक्टर-39 जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर गायनी विभाग की ओटी गैलरी में गिरी फॉल्स सीलिंग।
* सीलिंग गिरने से हुआ तेज धमाका, मरीजों और तीमारदारों में मची अफरा-तफरी।
* गनीमत रही कि हादसे के समय गैलरी में कोई मौजूद नहीं था, टला बड़ा हादसा।
* अस्पताल की मेंटेनेंस व्यवस्था और रखरखाव को लेकर उठे गंभीर सवाल।
अचानक हुआ हादसा और मची अफरा-तफरी
नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल (संयुक्त जिला चिकित्सालय) की तीसरी मंजिल पर महिला रोग विभाग (गायनी) के ऑपरेशन थिएटर के पास की गैलरी में फॉल्स सीलिंग का एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। सीलिंग गिरने से तेज धमाका हुआ, जिससे अस्पताल में मौजूद मरीजों, तीमारदारों और डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि हादसे के समय गैलरी में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
अस्पताल की रखरखाव व्यवस्था पर उठे सवाल
मिली जानकारी के अनुसार, अचानक भारी-भरकम फॉल्स सीलिंग नीचे गिरने से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिस स्थान पर सीलिंग गिरी, वहां आमतौर पर मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में यदि घटना के समय कोई वहां मौजूद होता तो गंभीर हादसा हो सकता था। इस घटना ने जिला अस्पताल की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले सामने
स्थानीय लोगों और अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में फॉल्स सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद अस्पताल की मेंटेनेंस व्यवस्था पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोप लग रहे हैं। बार-बार फॉल्स सीलिंग गिरने की घटनाओं से अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
मरीजों में बढ़ी चिंता और सुरक्षा की मांग
लोगों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सुरक्षा के लिए भवन और उसकी आंतरिक संरचना की नियमित जांच और समय पर मरम्मत जरूरी है। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद अस्पताल की रखरखाव व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।