नोएडा-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर भारी ट्रैफिक जाम, रोजाना 450,000 वाहन होते हैं प्रभावित

नोएडा और दिल्ली के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी सामने आई है। नोएडा-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर महामाया फ्लाईओवर से डीएनडी फ्लाईवे तक का 2 किलोमीटर का हिस्सा रोजाना भारी ट्रैफिक जाम का मुख्य केंद्र बन गया है। इस समस्या के कारण हर दिन लगभग 450,000 वाहन चालकों को भारी देरी का सामना करना पड़ता है।
ट्रैफिक जाम के मुख्य कारण
इस रोजाना के जाम का मुख्य कारण सड़क का अचानक संकरा होना है, जहां छह लेन का हाईवे तीन लेन की सर्विस रोड में बदल जाता है। इसके अलावा, महामाया फ्लाईओवर से चिल्ला बॉर्डर कॉरिडोर के बीच अवैध पार्किंग और सड़कों पर अतिक्रमण जैसी समस्याएं इस स्थिति को और गंभीर बनाती हैं। इन कारणों से जो दूरी सिर्फ दस मिनट में तय होनी चाहिए, उसे तय करने में तीस मिनट से ज्यादा का समय लग जाता है। नोएडा ट्रैफिक पुलिस द्वारा कभी-कभार चालान काटे जाते हैं, लेकिन नोएडा प्राधिकरण पर इन बाधाओं को हटाने के लिए ठोस कदम न उठाने का आरोप लगा रहा है।
बुनियादी ढांचे में सुधार और नए प्रोजेक्ट्स
क्षेत्रीय ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए बुनियादी ढांचे से जुड़े कई काम किए जा रहे हैं। डीएनडी फ्लाईवे से शुरू होने वाला 91 किलोमीटर लंबा 'दिल्ली एनसीआर सुपर कॉरिडोर' अब पूरा होने के करीब है, जो दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके अलावा, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाने वाले 10-लेन के एलिवेटेड एक्सप्रेसवे सहित कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।
अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन
इन बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियां भी बनी हुई हैं। उदाहरण के लिए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के कारण 20 सितंबर 2026 को अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए थे, जिसके तहत डीएनडी टोल और फिल्म सिटी क्षेत्र से आने वाले ट्रैफिक को आंतरिक सेक्टरों से होकर डायवर्ट किया गया था।