नोएडा में शेयर मार्केट और ट्रेडिंग के नाम पर बुजुर्ग समेत तीन लोगों से 21 लाख से ज्यादा की साइबर ठगी

नोएडा में साइबर अपराधियों ने शेयर मार्केट और ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों से करीब 21 लाख रुपये की ठगी कर ली है। अलग-अलग मामलों में सेक्टर-23 के एक बुजुर्ग से 5.20 लाख रुपये, सेक्टर-49 निवासी व्यक्ति से सात लाख रुपये और सेक्टर-100 निवासी व्यक्ति से नौ लाख रुपये से अधिक की रकम हड़प ली गई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामलों में जांच शुरू कर दी है और संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा अन्य डिजिटल माध्यमों की पड़ताल की जा रही है।
सेक्टर-23 के बुजुर्ग से 5.20 लाख रुपये की ठगी
पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि सेक्टर-23 निवासी 70 वर्षीय महेश नारायण सक्सेना ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से उनसे संपर्क कर शेयर मार्केट में निवेश और ट्रेडिंग के जरिए अधिक लाभ कमाने का लालच दिया। आरोपियों ने उन्हें एक कथित शेयर मार्केट कंपनी से जोड़ दिया और विभिन्न किस्तों में उनके खाते से 5 लाख 20 हजार रुपये जमा करा लिए। पीड़ित के अनुसार फर्जी ऐप पर उनकी रकम बढ़ती हुई दिखाई जाती रही, जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि निवेश पर लाभ मिल रहा है। जब उन्होंने अपनी जमा रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उनकी क्रेडिट रेटिंग कम होने का बहाना बनाकर भुगतान रोक दिया। महेश सक्सेना ने आरोप लगाया कि पत्नी के कैंसर उपचार के लिए पैसों की आवश्यकता बताने के बावजूद आरोपियों ने रकम वापस नहीं की और उनसे संपर्क भी बंद कर दिया।
एनसीआरपी जांच में सामने आए दो और मामले
साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान ट्रेडिंग के नाम पर दो अन्य लोगों से भी करीब 16 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पहले मामले में सेक्टर-49 निवासी 45 वर्षीय रमेश गुप्ता से सात लाख रुपये की ठगी की गई। जांच में पता चला कि उन्होंने ट्रेडिंग के नाम पर अज्ञात व्यक्तियों के खातों में यह रकम ट्रांसफर की थी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि संबंधित खाते साइबर अपराध से जुड़े हुए हैं। शिकायतकर्ता के समय पर थाने नहीं पहुंचने और अन्य प्रक्रियागत कारणों से मुकदमा दर्ज होने में देरी हुई, लेकिन अब मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दूसरे मामले में सेक्टर-100 स्थित लोटस बुलेवर्ड निवासी कुमुद बहादुर के साथ 9 लाख 212 रुपये की साइबर ठगी हुई। एनसीआरपी पर 14 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत की जांच में पाया गया कि ट्रेडिंग के नाम पर पीड़ित से यह रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराई गई। साइबर अपराध की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस कर रही एक ही गिरोह की भूमिका की जांच
पुलिस अब उन बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी जुटा रही है जिनका इस्तेमाल रकम ट्रांसफर कराने में किया गया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि तीनों मामलों के पीछे कहीं एक ही साइबर गिरोह तो सक्रिय नहीं है। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर शेयर मार्केट, ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर रकम ट्रांसफर न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या वेबसाइट पर बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने से बचें। ठगी का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि रकम को समय रहते फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा सके।