नोएडा में क्रेडिट कार्ड और फॉर्म-16 का झांसा देकर बुजुर्गों से 24 लाख की साइबर ठगी

नोएडा में साइबर ठगों ने घर बैठे Credit Card बनवाने और Income Tax का Form-16 उपलब्ध कराने का झांसा देकर तीन बुजुर्गों से करीब 24 लाख रुपये ठग लिए हैं। ठगों ने अलग-अलग मामलों में खुद को Bank Employee और IGL Employee बताकर पीड़ितों से संपर्क किया था। इसके बाद Online Form या बकाया Bill दिखाने के बहाने उनके Mobile में APK File Download कराई और Bank Accounts से रकम Transfer कर ली। तीनों मामलों में पीड़ितों ने Cyber Crime Police Station में Case दर्ज कराया है।
कपड़ा कारोबारी से आठ लाख की ठगी
Deputy Commissioner of Police (DCP) Cyber Crime शैव्या गोयल ने बताया कि Sector-61 निवासी 69 वर्षीय कपड़ा कारोबारी राजेश के पास बीते वर्ष 18 मई को एक व्यक्ति ने Bank Employee बनकर Phone किया था। आरोपी ने उन्हें घर बैठे Credit Card बनवाने का प्रस्ताव दिया और Online Form भरवाने के बहाने उनके WhatsApp पर एक APK File भेजी। राजेश ने File के माध्यम से Form भर दिया, जिसके अगले दिन उनके Mobile पर Bank Account से आठ लाख रुपये निकलने का Message आया। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला और पीड़ित ने Cyber Crime Police Station में Case दर्ज कराया है।
गूगल पर फॉर्म-16 तलाशना पड़ा महंगा
दूसरे मामले में Sector-107 निवासी 61 वर्षीय सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी हेमंत ने Report दर्ज कराई है। Police के अनुसार तीन जुलाई को हेमंत Google पर Income Tax Form-16 के संबंध में जानकारी तलाश रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उन्हें Phone किया और Form उपलब्ध कराने का झांसा दिया। आरोपी ने Form उपलब्ध कराने के बहाने हेमंत से एक APK File Download कराई और उनके Bank Account से संबंधित जानकारी हासिल कर नौ लाख रुपये अपने Account में Transfer कर लिए।
आईजीएल बिल के नाम पर सात लाख उड़ाए
तीसरे मामले में Sector-31 निवासी 67 वर्षीय राजेंद्र को छह फरवरी को एक व्यक्ति ने IGL Employee बनकर Phone किया और IGL Bill बकाया होने की जानकारी दी। राजेंद्र के Bill जमा होने की बात कहने पर आरोपी ने बकाया Bill दिखाने के बहाने उनके Mobile पर APK File भेज दी। Police के मुताबिक, राजेंद्र ने जैसे ही File Download की, ठगों ने उनके Bank Account से सात लाख रुपये Transfer कर लिए। DCP Cyber Crime शैव्या गोयल ने बताया कि तीनों मामलों में Cases दर्ज कर लिए गए हैं और Police Mobile Numbers, Bank Accounts तथा अन्य Technical Evidences के आधार पर Investigation कर रही है।