नोएडा में साइबर ठगी और मिर्च सप्लाई के नाम पर 21 लाख की धोखाधड़ी, केस दर्ज

नोएडा में साइबर अपराध और धोखाधड़ी के दो बड़े मामले सामने आए हैं। पहले मामले में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से 14.70 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए, वहीं दूसरे मामले में ग्रेटर नोएडा के एक कारोबारी से मिर्च सप्लाई के नाम पर 21 लाख रुपये की ठगी की गई। दोनों मामलों में पुलिस ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एनसीआरन्यूजजीसी[email protected] द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नोएडा के इन दोनों मामलों ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। पीड़ित बिना ओटीपी साझा किए और बिना बैंक विवरण दिए ठगी का शिकार हुए हैं, जिससे साइबर सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस अब सभी पहलुओं से मामले की गहराई से जांच कर रही है।
बिना ओटीपी साझा किए खाते से निकले 14.70 लाख रुपये
पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम शैव्या गोयल के मुताबिक, सेक्टर-76 स्थित सोसाइटी में रहने वाले कामेश्वर सिंह ने शिकायत दी है कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने 12 जुलाई से 24 जुलाई 2026 के बीच उनके बैंक खाते से विभिन्न बार में 14 लाख 70 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने न तो किसी को अपने बैंक खाते की जानकारी दी और न ही ओटीपी साझा किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर रकम के लेनदेन और संबंधित खातों की जांच शुरू कर दी है।
मिर्च की सप्लाई के नाम पर 21 लाख रुपये का एडवांस
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-बीटा-2 निवासी विष्णु कुमार शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह जैविक खाद के कारोबार से जुड़े हैं। जनवरी 2025 में उन्होंने इंडियामार्ट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर मिर्च खरीदने की जानकारी तलाश की थी, जिसके जरिए उनका संपर्क आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी कुनापरेड्डी विजय कृष्ण से हुआ। आरोपी ने खुद को कुनापरेड्डी एक्सपोर्ट्स एलएलपी का निदेशक बताते हुए 30 मीट्रिक टन एस-7 तेजा मिर्च की आपूर्ति का भरोसा दिया था।
चेक और आरटीजीएस से किए गए भुगतान
आरोप है कि कारोबारी ने भरोसा कर आरोपी को अलग-अलग माध्यमों से कुल 21 लाख रुपये एडवांस दिए। इसमें 21 फरवरी 2025 को पांच लाख और 12 लाख रुपये के दो भुगतान चेक से किए गए, 26 फरवरी को आरटीजीएस के माध्यम से तीन लाख और छह मार्च को एक लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। रकम मिलने के बावजूद आरोपी ने मिर्च की सप्लाई नहीं की और न ही रकम लौटाई। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।