नोएडा में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीकों से दो लोगों से करीब 74.06 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली, जबकि एटीएम मशीन पर कार्ड बदलकर एक व्यक्ति के खाते से 90 हजार रुपये निकाल लिए गए। सबसे बड़ी घटना में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने का डर दिखाकर तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया और उनसे 58.30 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। तीनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: बुजुर्ग महिला को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने का डर दिखाकर 58.30 लाख रुपये ठगे गए, आईजीएल का बिल अपडेट करने के नाम पर एपीके फाइल डाउनलोड कराकर 15.76 लाख रुपये निकाले गए, और एटीएम पर मदद के बहाने कार्ड बदलकर 90 हजार रुपये की निकासी की गई।
पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि पारस टियेरा सोसायटी, सेक्टर-137 निवासी 77 वर्षीय सुरेंद्र प्रसाद शुक्ला ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी 75 वर्षीय पत्नी लता रानी को 11 अगस्त को एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एयरटेल मोबाइल कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक बैंक खाता खोला गया है। आरोपियों ने महिला को बताया कि उक्त खाते का इस्तेमाल जेट एयरवेज के नरेश गोयल आदि द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इसके बाद आरोपियों ने सीबीआई, कोर्ट और अन्य जांच एजेंसियों का भय दिखाकर महिला को डिजिटल अरेस्ट कर लिया।
शिकायत के मुताबिक साइबर ठगों ने करीब तीन दिन तक महिला को डिजिटल अरेस्ट रखकर अलग-अलग बार में अपने खातों में 58 लाख 30 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी सेवानिवृत्त बैंककर्मी पिंटू के साथ भी साइबर ठगी हुई। उनके व्हाट्सऐप पर 17 जुलाई की दोपहर करीब तीन बजे एक अनजान नंबर से आईजीएल गैस से संबंधित लिंक भेजा गया। पीड़ित ने लिंक खोलकर उसे आईजीएल का ऐप समझकर एपीके फाइल डाउनलोड कर ली। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने ऐप में अपना नाम, आधार, पैन और डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भी साझा कर दी।
फाइल डाउनलोड होने के बाद ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और बैंक खाते से छह बार में 15 लाख 76 हजार 557 रुपये ट्रांसफर कर लिए। शाम करीब पांच बजे मोबाइल पर मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला।
थाना फेस-3 क्षेत्र के मामूरा गांव निवासी एक व्यक्ति के साथ एटीएम पर कार्ड बदलकर ठगी की गई। पीड़ित के मुताबिक वह एटीएम से पैसे निकालने गए थे। कार्ड डालने पर मशीन पर ‘योर कार्ड इज नॉट रजिस्टर्ड’ लिखा आया। इसी दौरान पीछे खड़े एक युवक ने मदद करने की बात कही और उनका कार्ड मशीन से निकाल लिया। आरोप है कि युवक ने कार्ड वापस करते समय चालाकी से उनका एटीएम कार्ड बदल दिया।
पीड़ित के एटीएम से बाहर निकलने के बाद बदमाश ने उसके कार्ड का इस्तेमाल कर नौ बार में कुल 90 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई लिंक या एपीके फाइल डाउनलोड न करें और बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर कोई सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर रकम ट्रांसफर करने का निर्देश नहीं देती।