नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी: एआई वीडियो और एपीके फाइल से 9 लोगों से 1.32 करोड़ रुपये ठगे गए

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से नौ लोगों को अपने जाल में फंसाकर करीब 1.32 करोड़ रुपये ठग लिए हैं। कहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एआई से तैयार फर्जी वीडियो दिखाकर निवेश के नाम पर 70.90 लाख रुपये ऐंठे गए तो कहीं मोबाइल ऐप, आईजीएल सेवाएं बहाल कराने और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को ठगा गया। सभी मामलों में साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
एआई वीडियो और एपीके फाइल से ठगी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक इकोविलेज-1 सोसाइटी निवासी 59 वर्षीय विनोद कुमार शर्मा को निवेश के नाम पर 70,90,065 रुपये का चूना लगाया गया। जनवरी में फेसबुक पर विज्ञापन में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का एआई वीडियो देखकर उन्होंने संपर्क किया था, जिसके बाद कुल 16 बार में पैसे ट्रांसफर कराए गए। वहीं सेक्टर-121 निवासी हरि मोहन राजवंशी से मोबाइल ऐप की सेवाएं बहाल कराने का झांसा देकर 1.58 लाख रुपये, सेक्टर-31 निवासी इंजीनियर अभिनव त्यागी से शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर छह लाख रुपये, ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी शिक्षक आदेश से ब्लिंकिट के फर्जी कस्टमर केयर और एपीके फाइल के जरिए करीब 10 लाख रुपये और सेक्टर-48 निवासी राम प्रकाश शर्मा से आईजीएल बिल के नाम पर भेजी गई एपीके फाइल से करीब नौ लाख रुपये निकाल लिए गए।
अन्य मामलों में भी हुई ठगी
इसके अलावा साइबर ठगों ने निवेश और शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर चार अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया। सुमन कुमारी से शेयर मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर 11.76 लाख रुपये, सौरभ मिश्रा से शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 10.40 लाख रुपये, दीपक पंत की पत्नी भारती से 6.83 लाख रुपये और प्रशांत शर्मा से मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर 5.50 लाख रुपये ठग लिए गए। डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि सभी मामलों में साइबर ठगी में इस्तेमाल खातों और आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है और पुलिस जांच जारी है।