नोएडा कमर्शियल रियल एस्टेट में आएगी बड़ी तेजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी बदलेंगे तस्वीर

नोएडा का कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट अब एक नए और रोमांचक दौर में प्रवेश करने जा रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉर्पोरेट डिमांड में बढ़ोतरी की वजह से इस क्षेत्र में निवेश और विकास की अपार संभावनाएं दिख रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से बिजनेस हब के तौर पर नोएडा की स्थिति और मजबूत होगी।
आदिनाथ उर होम्स के सीईओ और डायरेक्टर गौरव जैन, जिन्हें इस क्षेत्र का दो दशकों का अनुभव है, के अनुसार मार्केट में यह सकारात्मक बदलाव कनेक्टिविटी के बेहतर होने और 15 जून 2026 से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट्स के संचालन की वजह से आ रहा है। यह विकास केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में बड़े स्तर पर बदलाव दिख रहे हैं।
'न्यू नोएडा' प्रोजेक्ट से खुलेंगे रोजगार के लाखों रास्ते
नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्ण करुणेश ने हाल ही में 'न्यू नोएडा' प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जो इस क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत करीब 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। लक्ष्य यह है कि 2030 तक यहां 6 लाख रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं। इसके लिए लॉजिस्टिक्स, डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और कमर्शियल सेक्टर में लगभग 35,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है।
विकास की इस रफ्तार को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सेक्टर 22E में ई-नीलामी के जरिए कॉर्पोरेट प्लॉट आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि भविष्य की ऑफिस जरूरतों को पूरा किया जा सके।
सितंबर 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली-एनसीआर में कीमतों में अच्छी बढ़ोतरी और कमर्शियल लीजिंग एक्टिविटी में तेजी देखी गई है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और मेट्रो विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स ने पहुंच को आसान बना दिया है। साथ ही, उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर 'नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट' करने के बाद इस पूरे रीजन की कॉर्पोरेट वैल्यू और ज्यादा बढ़ गई है।