नोएडा सीईओ और एनईए पदाधिकारियों की बैठक, उद्योगों की समस्याओं पर हुआ बड़ा फैसला

नोएडा के सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड रूम में उद्योगों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन (एनईए) के पदाधिकारी और प्राधिकरण के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। एनईए अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने औद्योगिक इकाइयों से संबंधित विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिन्हें विस्तार से सुना गया।
- नोएडा सीईओ कृष्णा करुणेश की अध्यक्षता में सेक्टर-96 बोर्ड रूम में हुई बैठक।
- धारा-10बी के नोटिस से संबंधित मामलों का निस्तारण ओएसडी स्तर के अधिकारी करेंगे।
- यूनिफाइड रेगुलेशन-2025 की नीतियों पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कमेटी बनेगी।
- एनजीटी की रोक से प्रभावित अवधि का आकलन कर समय सीमा बढ़ाने पर होगा निर्णय।
धारा-10बी नोटिस और यूनिफाइड रेगुलेशन-2025 पर फैसला
समस्याओं को सुनने के बाद सीईओ कृष्णा करुणेश ने धारा-10बी के नोटिस से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण ओएसडी स्तर के अधिकारी द्वारा किए जाने की जानकारी दी। इससे संबंधित मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है। बैठक में यूनिफाइड रेगुलेशन-2025 की उन नीतियों का मुद्दा भी उठाया गया, जिनसे औद्योगिक इकाइयों को परेशानी हो रही है। सीईओ ने बताया कि इस संबंध में नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की एक कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें एनईए अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन को भी आमंत्रित कर सुझाव लिए जाएंगे और इसके बाद बिंदुओं को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
एनजीटी रोक और अतिरिक्त समय सीमा का आकलन
औद्योगिक इकाइयों को कार्यशील करने के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। सीईओ ने बताया कि पिछले तीन वर्षों का ब्योरा एकत्र किया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि एनजीटी की रोक के कारण निर्माण कार्य कितने समय तक बंद रहा। इस अवधि के आकलन के बाद ही समय सीमा बढ़ाए जाने पर निर्णय लिया जाएगा।
समयवृद्धि शुल्क, ई-नीलामी और अन्य मांगें
बैठक में सशुल्क समयवृद्धि शुल्क बढ़ाए जाने तथा ई-नीलामी के माध्यम से आवंटित भूखंडों के लीज रेंट को प्रतिशत की बजाय प्रति वर्गमीटर की दर से लिए जाने का मुद्दा उठा। सीईओ ने बताया कि इन दोनों प्रकरणों को आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके अलावा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को एलएलपी में परिवर्तित करने के मामलों में सीआईसी शुल्क को अनिवार्य रूप से वापस लेने तथा सीआईसी डीड की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग पर भी चर्चा हुई, जिस पर चार्टर्ड अकाउंटेंट से राय लेने के बाद उचित निर्णय किए जाने की बात कही गई। बैठक में एनईए अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन, महासचिव वीके सेठ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश कोहली, कोषाध्यक्ष शरद चंद्र जैन, उपाध्यक्ष मोहम्मद इरशाद, सुधीर श्रीवास्तव, मयंक गुप्ता, राजन खुराना और सचिव राहुल नैय्यर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।