नोएडा में बिहार नंबर की एसी बस में भीषण आग, महोबा भाजपा नेता की पत्नी और बेटे समेत 9 लोगों की दर्दनाक मौत

बुधवार, 23 सितंबर 2026 की रात नोएडा के पास एक एसी स्लीपर बस में भयानक आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। इस दुर्घटना से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: बस दिल्ली से महोबा जा रही थी, आग शॉर्ट सर्किट या एसी ब्लास्ट से लगी, बस चालक और कंडक्टर की लापरवाही सामने आई, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
बस में आग और पीड़ितों की पहचान
दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही राज कल्पना ट्रैवल्स की एसी स्लीपर बस में देर रात 11:15 से 11:30 बजे के बीच आग लग गई। यह बस बिहार में पंजीकृत थी जिसका नंबर BR32PA8647 था और इसमें करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। इस हादसे में मरने वालों में महोबा के भाजपा जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता की पत्नी सुनीता और बेटा शशांत भी शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान श्रुति रावत, सरोज गुप्ता, मयंक गुप्ता, देवेंद्र सहाय भारद्वाज, हर शरण गुप्ता और उषा देवी के रूप में हुई है।
लापरवाही और गिरफ्तारियां
हमीरपुर जिले के एक यात्री सुनील कुमार ने जेवर थाने में गंभीर लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया है। उनके अनुसार, यात्रियों ने बार-बार बस में जलने की बदबू आने की चेतावनी दी थी, लेकिन चालक पवन कुमार और कंडक्टर योगेश दोनों ने यात्रियों की अनसुनी कर दी और सिगरेट पीते रहे। कानपुर के रहने वाले चालक पवन कुमार और कंडक्टर योगेश दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है।
वाहन के नियम उल्लंघन और जांच
जांच में सामने आया कि इस बस के खिलाफ कई नियम तोड़ने के मामले दर्ज थे। अप्रैल 2023 से अगस्त 2026 के बीच इस पर 1.59 लाख रुपये के 17 चालान और 55 जुर्माने लंबित थे। इस बस के दस्तावेज अलग-अलग राज्यों से जुड़े थे, जैसे स्वामित्व मध्य प्रदेश का, पंजीकरण बिहार का, फिटनेस प्रमाणपत्र राजस्थान का और प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा का था।
शोक संदेश और मुआवजे की घोषणा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। अपर जिलाधिकारी अजीत कुमार सिंह और मुख्य अग्निशामक अधिकारी प्रदीप कुमार इस घटना की जांच और राहत कार्यों की देखरेख कर रहे हैं, जबकि बचे हुए यात्रियों ने बताया कि अंदरूनी स्लीपर पार्टिशन्स के कारण आपातकालीन निकास द्वार बंद हो गए थे जिससे आग तेजी से फैली।