ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 के दूसरे दिन नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत ने प्रतिभाग किया। इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए डेलीगेट्स, विषय विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में उद्यमियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) आशीष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश पढ़कर की।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि
सीबीजी उद्योग में किसानों को समृद्ध बनाने की बड़ी क्षमता है। इसके जरिए कृषि और अन्य कचरे को उपयोगी बनाकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक राज्य है और यहां बड़ी मात्रा में
कृषि अपशिष्ट उपलब्ध है, जिसे नवाचार के माध्यम से ऊर्जा में बदला जा सकता है। ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत और गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया तथा प्रदेश में घरेलू स्तर पर एक लाख छोटे बायोगैस प्लांट लगाने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के दौरान
केआईएस और पारस ग्रुप के साथ एक हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा कई रिसर्च जर्नल और कृषि साहित्य का विमोचन किया गया। सम्मेलन में बायोएनर्जी, सीबीजी, कृषि अपशिष्ट के उपयोग, ग्रामीण रोजगार और ग्रीन एनर्जी की संभावनाओं पर देश-विदेश से आए विशेषज्ञों और उद्यमियों ने विचार-विमर्श किया।