ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में शुरू हुआ तीन दिवसीय बायो एनर्जी एक्सपो, सीएम योगी करेंगे शिरकत

फोटोग्राफ के साथ, ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में मंगलवार से तीन दिवसीय इंडिया बायो एनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 की शुरुआत हो गई है। एक्सपो के दूसरे दिन बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और 600 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इस एक्सपो में 25 से अधिक सम्मेलन सत्र होंगे, जिनमें देश-विदेश के 120 से ज्यादा विशेषज्ञ और वक्ता हिस्सा लेंगे और करीब 15 हजार व्यावसायिक आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है।
एक्सपो का आयोजन और मुख्य विषय
इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी और उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी की ओर से आयोजित इस एक्सपो में 150 से अधिक कंपनियां अपने उत्पाद और तकनीक प्रदर्शित कर रही हैं। इस आयोजन को बायोएनर्जी क्षेत्र के प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों में शामिल बताया गया है। एक्सपो के सम्मेलन सत्रों में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी), एथेनॉल, बायोडीजल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, ग्रीन हाइड्रोजन, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोमास, बायो-मोबिलिटी, कार्बन मार्केट और कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं और आयोजन में 1000 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।
उत्तर प्रदेश को बायोएनर्जी हब बनाने का उद्देश्य
आयोजकों के अनुसार एक्सपो का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख बायोएनर्जी हब के रूप में स्थापित करना है। राज्य की नीतियों, कृषि आधारित बायोमास संसाधनों, बढ़ती एथेनॉल और सीबीजी क्षमता तथा बायोएनर्जी वैल्यू चेन में निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है। इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के महानिदेशक संजय गंजू ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बायोएनर्जी क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक प्रमुख आधार मौजूद हैं। एक्सपो में दुनिया की प्रमुख तकनीकी कंपनियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाया गया है, जिससे निवेश, नवाचार और तकनीकी सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे।
ग्रामीण रोजगार और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा
आयोजकों के मुताबिक एक्सपो के जरिए निवेशकों, तकनीकी कंपनियों और वैश्विक उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कृषि-अवशेष की सप्लाई चेन मजबूत होने, ग्रामीण रोजगार और आय के अवसर बढ़ने तथा क्लीन एनर्जी उद्योग को गति मिलने की उम्मीद है। यह एक्सपो का तीसरा संस्करण है और तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में नीति, तकनीक, निवेश और उद्योग के बीच सहयोग को लेकर चर्चा होगी। आयोजकों का कहना है कि इससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव और ‘नेट जीरो’ लक्ष्यों को गति देने में मदद मिलेगी।