11 हजार करोड़ के नोएडा एयरपोर्ट की पहली तेज बारिश में खुली पोल, अंडरपास में भरा घुटनों तक पानी

11 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने नोएडा एयरपोर्ट की जल निकासी व्यवस्था पहली तेज वर्षा में ही सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार दोपहर हुई तेज वर्षा के बाद टर्मिनल के निकास द्वार स्थित अंडरपास में घुटनों तक पानी भर गया। करीब छह माह पहले शुरू हुए इस एयरपोर्ट पर पहली ही बारिश में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है।
अंडरपास बना तालाब और बंद हुए एस्केलेटर
यह अंडरपास फोरकोर्ट को पार्किंग एरिया से जोड़ता है और यात्री इसी रास्ते से बाहर निकलकर अपने गंतव्य की ओर जाते हैं। जलभराव के बाद अंडरपास तालाब जैसा नजर आया और वर्षा के पानी के साथ मिट्टी और मलबा भी अंडरपास में बहकर आ गया, जिससे जल निकासी और बाधित हो गई। अंडरपास में लगे दोनों एस्केलेटर भी बंद हो गए, जिससे यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने जलभराव का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इसके अलावा, टर्मिनल के सामने बने वेटिंग एरिया में लगी विशेष सफेद फैब्रिक की छत से भी वर्षा का पानी टपकता देखा गया।
एयरपोर्ट कंपनी का बयान और स्थिति
एयरपोर्ट संचालक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने बयान जारी कर कहा कि कम समय में हुई भारी वर्षा के कारण टर्मिनल और पार्किंग को जोड़ने वाले मार्ग पर कुछ देर के लिए पानी आया था। टीम ने 30 मिनट से भी कम समय में पानी हटा दिया, जिससे उड़ान संचालन या एयरपोर्ट के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा और यात्रियों की आवाजाही सामान्य है। वहीं, सूत्रों के अनुसार दोपहर करीब एक बजे हुए जलभराव के बाद शाम पांच बजे तक स्थिति सामान्य हो पाई।
प्रशासन की कार्रवाई और यात्रियों की सुविधा
उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार को हुई भारी बारिश के दौरान टर्मिनल को पार्किंग क्षेत्र से जोड़ने वाले मार्ग पर कुछ समय के लिए पानी जमा हो गया था। एयरपोर्ट टीमों ने सक्रियता दिखाते हुए जल निकासी सुनिश्चित की। नोएडा एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि अचानक हुई अत्यधिक तेज बारिश के कारण अस्थायी रूप से यह समस्या उत्पन्न हुई थी। एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम संबंधी परिस्थितियों के बीच यात्रियों की सुविधा और निर्बाध आवाजाही को प्राथमिकता दी जा रही है।