नोएडा में एक करोड़ 48 लाख रुपये की बड़ी चोरी का खुलासा, छह आरोपी गिरफ्तार

नोएडा में पुलिस ने एक करोड़ 48 लाख रुपये की चोरी की बड़ी घटना का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक करोड़ 48 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई ऑरा कार बरामद की है। यह चोरी निवेश के नाम पर लोगों से जुटाई गई रकम से जुड़ी हुई है। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- नोएडा में एक करोड़ 48 लाख रुपये की चोरी का खुलासा हुआ।
- पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और कार बरामद की।
- चोरी की यह रकम निवेश के नाम पर लोगों से जुटाई गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
डीसीपी नोएडा साद मियां खान के अनुसार, लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से पुलिस ने 18 अगस्त को छह आरोपियों को रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की ओर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवनीश कुमार, पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, जितेंद्र कुमार, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में पवन, अनिल और जितेंद्र का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पवन के खिलाफ मथुरा में आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं, जबकि अनिल और जितेंद्र के खिलाफ भी पूर्व में एनडीपीएस, आबकारी और गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज रहे हैं।
गैराज से रकम चोरी करने की पूरी योजना
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अवनीश कुमार अपने तीन अन्य साथियों आशीष, आदर्श और भरत के साथ सीए फर्म चलाता है और निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेकर काम करता है। अवनीश को अपना लगाया पैसा वापस नहीं मिल रहा था। पुलिस का कहना है कि आशीष ने निवेशक उपलब्ध कराने के नाम पर वादी से रकम ली थी। इसी रकम को अवनीश ने अपने पांच साथियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर आशीष के सेक्टर-25 स्थित गैराज से चोरी करने की योजना बनाई और घटना को अंजाम दिया। इस संबंध में थाना सेक्टर-20 में मुकदमा अपराध संख्या 340/2026 के तहत धारा 305ए, 331(4), 317(2) और 61(2) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस अब बरामद एक करोड़ 48 लाख रुपये के स्रोत, निवेश से जुड़े लेनदेन और चोरी की पूरी साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। उपलब्ध पुलिस विवरण में आशीष, आदर्श और भरत का उल्लेख है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस घटना में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पूरी जानकारी सामने आ सके।