दिल्ली-NCR में 'नो पीयूसी नो फ्यूल' नियम लागू, बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

Kittu Kumari6 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-NCR में 'नो पीयूसी नो फ्यूल' नियम लागू, बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

दिल्ली और एनसीआर (NCR) में सर्दियों के दौरान बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब यहां नो पीयूसी नो फ्यूल नियम पूरी तरह से लागू हो गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपकी गाड़ी के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफिकेट नहीं है, तो पेट्रोल पंप आपको पेट्रोल, डीजल या सीएनजी देने से मना कर सकते हैं।

कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा जारी इस निर्देश का मकसद हवा की गुणवत्ता में सुधार करना है। इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे गाड़ी का नंबर पढ़ते ही उसे 'वाहन' (VAHAN) पोर्टल के डेटाबेस से चेक करेंगे। अगर गाड़ी का पीयूसी सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका होगा, तो गाड़ी मालिक को तुरंत एक ऑटोमेटेड अलर्ट भेजा जाएगा, ताकि वह मौके पर मौजूद प्रदूषण जांच केंद्र से अपना सर्टिफिकेट रिन्यू करा सके।

नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस नियम की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। बिना वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के वाहन चलाने वालों पर 10,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। मामला गंभीर होने पर तीन महीने की जेल या जुर्माना और जेल दोनों की सजा भी हो सकती है। हालांकि, मेडिकल इमरजेंसी, कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़ी आपातकालीन गाड़ियों को इस नियम से छूट दी गई है।

इस सख्ती का असर भी दिखने लगा है। 1 अक्टूबर को नियम लागू होने के बाद से पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने वालों की संख्या में 50 प्रतिशत का उछाल आया है। हालांकि, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अभी भी 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी के बीच बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश और हवाओं से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन हवा की रफ्तार कम होते ही प्रदूषण फिर बढ़ सकता है।

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 'विंटर एक्शन प्लान' के तहत अन्य कदम भी उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-6 और उससे पुराने वाहनों के प्रवेश पर रोक।
  • 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों पर पूरी तरह पाबंदी।
  • पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी।
  • सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क-फ्रॉम-होम की सिफारिश।
Share:

Comments

Leave a comment