विकसित भारत 2047 के लिए छात्रों का संस्कृति से जुड़ना जरूरी: नितिन नबीन
बीजेपी नेता नितिन नबीन ने कहा कि छात्रों को भारतीय संस्कृति से जोड़कर ही 'विकसित भारत 2047' का सपना पूरा किया जा सकता है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने देश की भावी पीढ़ी को तैयार करने के लिए शिक्षा प्रणाली में बदलाव और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर हमें 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करना है, तो हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो छात्रों को आधुनिक नवाचारों और कौशल से तो लैस करे, लेकिन साथ ही उन्हें अपनी भारतीय संस्कृति की जड़ों से भी जोड़े रखे।
दिल्ली के सीएसकेएम पब्लिक स्कूल के 41वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने शिक्षा की अहम भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें पाठ्येतर गतिविधियों (extracurricular activities) और नए प्रयोगों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। नबीन के अनुसार, जब छात्र हॉस्टलों में रहकर नई चीजें सीखेंगे और साथ ही अपनी संस्कृति को आत्मसात करेंगे, तभी भविष्य के भारत का निर्माण संभव होगा।
'भारतीय दर्शन' और युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी
नितिन नबीन ने 'भारतीय दर्शन' के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहचानना जरूरी है कि आज भारत की वास्तविक जरूरतें क्या हैं। उन्होंने जोर दिया कि युवा पीढ़ी को उन मूल्यों और कौशलों को आगे ले जाना होगा, जो देश को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने में मदद करें। इस दौरान उन्होंने स्कूल के पूर्व छात्र (alumnus) होने के नाते अपनी खुशी भी व्यक्त की।
इस कार्यक्रम के अलावा, नितिन नबीन ने दिल्ली के कर्नल सतरंगी के किरण मेमोरियल स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में भी शिरकत की। इसके साथ ही उन्होंने भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि शेखावत जी की जनसेवा, सुशासन और संगठन निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी।