AIIMS में NITI Aayog के Dr. Srinivas ने मेडिकल पढ़ाई में Nutrition शामिल करने की उठाई मांग

नई दिल्ली में 28 जुलाई 2026 को AIIMS में एक नेशनल सिंपोजियम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में NITI Aayog के मेंबर (हेल्थ) और AIIMS के पूर्व डायरेक्टर Dr. M. Srinivas ने हेल्थकेयर डिलीवरी में बड़े बदलाव की बात कही। उन्होंने अंडरग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन और मेनस्ट्रीम क्लिनिकल प्रैक्टिस में न्यूट्रीशन, डाइट और लाइफस्टाइल को शामिल करने की जोरदार अपील की।
Lifestyle & Diet सिंपोजियम का मुख्य उद्देश्य
'Lifestyle & Diet: Nutrition, Wellness and Clinical Practice' नाम के इस सिंपोजियम के दौरान Dr. Srinivas ने इलाज पर ही ध्यान देने के बजाय पोषण और हेल्दी लाइफस्टाइल के जरिए बीमारी रोकने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक प्रमाण यह साबित करते हैं कि फूड, न्यूट्रीशन और लाइफस्टाइल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार अंडरग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन में इन विषयों पर जरूरत से बहुत कम ध्यान दिया जाता है (Source: UNI India)। यह कार्यक्रम AIIMS नई दिल्ली के फिजियोलॉजी डिपार्टमेंट ने फूड फ्यूचर फाउंडेशन और कोएलिशन फॉर फूड सिस्टम्स ट्रांसफॉर्मेशन इन इंडिया (CoFTI) के साथ मिलकर आयोजित किया था।
सिंपोजियम में रिसर्च और किताबें हुईं लॉन्च
इस सिंपोजियम के आखिर में यह सहमति बनी कि प्रिवेंटिव और मरीज-केंद्रित हेल्थकेयर सिस्टम बनाने के लिए मेडिकल एजुकेशन में न्यूट्रीशन और लाइफस्टाइल मेडिसिन को जोड़ना जरूरी है। स्वास्थ्य में पोषण और जीवनशैली की भूमिका का समर्थन करने के लिए डॉ. श्रीनिवास की प्रस्तावना वाली एक टेक्स्टबुक भी लॉन्च की गई। इसके अलावा, कार्यक्रम में पेश की गई रिसर्च से यह बात सामने आई कि मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) स्वाद से समझौता किए बिना खाने में सोडियम की मात्रा को कम कर सकता है और आम जनता के लिए तय किए गए डाइटरी लिमिट्स के अंदर यह पूरी तरह सुरक्षित है।