निर्मल जैन ने संभाला दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का पद, बने आयोग के पहले गैर-मुस्लिम प्रमुख

नर्मल जैन ने 4 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन का पद संभाल लिया है और अपनी नियुक्ति पर खुशी जताई है। जैन ने सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया है, और इस नियुक्ति को पार्टी नेतृत्व तथा दिल्ली सरकार द्वारा उन पर जताए गए भरोसे का प्रतीक बताया है। उन्हें मूल रूप से 26 जुलाई 2026 को इस पद पर नियुक्त किया गया था। इस खबर की विस्तृत जानकारी PTI News रिपोर्ट में दी गई है।
आयोग में चेयरमैन और सदस्यों के पद अगस्त 2023 से खाली थे, जिसके चलते अप्रैल 2026 में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस पर सवाल उठाए थे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेता और पूर्व मेयर जैन का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ पांच दशकों का जुड़ाव रहा है और वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से भी जुड़े रहे हैं। पदभार संभालने पर उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का धन्यवाद किया, जिन्होंने 'X' पर एक पोस्ट के जरिए उनकी नियुक्ति की घोषणा की थी, और अल्पसंख्यक हितों की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई।
दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग, जो Delhi Minorities Commission Act, 1999 के तहत एक वैधानिक निकाय है, धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए स्थापित किया गया है। यह एक महत्वपूर्ण घटना है क्योंकि आयोग के 26 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी गैर-मुस्लिम को इसका चेयरमैन नियुक्त किया गया है; जैन समुदाय को 13 अक्टूबर 2008 को आधिकारिक तौर पर दिल्ली में अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में अधिसूचित किया गया था। सरदार कुलदीप सिंह और मोहम्मद हारून को भी सदस्य नियुक्त किया गया है। दिल्ली सरकार ने बयान दिया है कि ये नियुक्तियां समाज के सभी वर्गों के अधिकारों और कल्याण को मजबूत करने, सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने और समुदायों के बीच विश्वास तथा भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।