नांगलोई स्कूल में दिल्ली पुलिस का 'निर्भीक' अभियान, बच्चों को सिखाया गुड टच-बैड टच का अंतर
दिल्ली पुलिस ने नांगलोई के स्कूल में 'निर्भीक' कार्यक्रम के जरिए बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में जागरूक किया।

बच्चों की सुरक्षा और उन्हें जागरूक बनाने के लिए दिल्ली पुलिस की बाहरी जिला कम्युनिटी पुलिसिंग सेल ने एक खास पहल की है। नांगलोई स्थित गवर्नमेंट सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 'निर्भीक' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मकसद स्कूली बच्चों को उनके शरीर और व्यक्तिगत सीमाओं के प्रति जागरूक करना था।
इस जागरूकता सत्र में करीब 200 बच्चों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बेहद सरल तरीके से बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' के बीच का अंतर समझाया। बच्चों को यह बताया गया कि कौन सा व्यवहार सही है और किस तरह के स्पर्श या व्यवहार को गलत मानकर उसका विरोध करना चाहिए।
डरें नहीं, आवाज उठाएं: बच्चों को दी गई अहम सलाह
सत्र का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से डर को निकालना था। पुलिस टीम ने छात्रों को प्रोत्साहित किया कि यदि उनके साथ कोई भी अनुचित व्यवहार होता है, तो वे बिना डरे उसके खिलाफ आवाज उठाएं। बच्चों को यह भी समझाया गया कि ऐसी स्थिति में चुप रहने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता या किसी भरोसेमंद वयस्क की मदद लेना क्यों जरूरी है।
इस तरह के अभियानों के जरिए दिल्ली पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बच्चे सुरक्षित महसूस करें और उनमें इतनी समझ विकसित हो कि वे किसी भी खतरे को पहचान कर समय पर मदद मांग सकें।