दिल्ली में बड़ा एक्शन: इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड केस में 37 साल का नाइजीरियन नागरिक गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड मामले में दिल्ली से एक नाइजीरियन नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 37 साल के न्वोगु ओबेड ओसिनाची (Nwogu Obed Osinachi) के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी एक बड़े सोशल मीडिया-आधारित फ्रॉड गैंग की जांच का हिस्सा है। इस आरोपी को मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को दिल्ली के बुराड़ी स्थित कमल विहार के उसके किराए के कमरे से पकड़ा गया।
कैसे देते थे फ्रॉड को अंजाम
Additional SP STF विशाल विक्रम सिंह के अनुसार, गैंग के लोग इंग्लैंड की "डोरिस विलियम" जैसी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाते थे और भारतीय यूजर्स से दोस्ती करते थे। इसके बाद पीड़ितों को विदेश से महंगे तोहफे, डॉलर और पाउंड भेजने का झांसा दिया जाता था। फिर पीड़ितों को फोन करके कहा जाता था कि उनका पार्सल एयरपोर्ट पर रोक लिया गया है और कस्टम, इनकम टैक्स तथा GST अधिकारी बनकर ड्यूटी व टैक्स के नाम पर पैसों की मांग की जाती थी। लखनऊ के एक रहने वाले व्यक्ति ने इस स्कैम में करीब 68 लाख रुपये गंवाने के बाद 2026 में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई।
बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई
आरोपी ओसिनाची ने पूछताछ में यह बात स्वीकार की है कि वह 2022 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था और उसी साल उसका वीजा एक्सपायरी हो गया था, जिसके बाद से वह दिल्ली में अवैध रूप से रह रहा था। इस मामले में पुलिस ने पहले भी कार्रवाई करते हुए 15 मई 2026 और 18 जुलाई 2026 को दिल्ली से दो अन्य नाइजीरियन नागरिकों उचेन्वा (Uchenwa) और ओबासे प्रोस्पर (Obase Prosper) को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने ओसिनाची के पास से 11 मोबाइल फोन, दो पासपोर्ट, चार ATM कार्ड, एक लैपटॉप और 34 आपत्तिजनक स्क्रीनशॉट बरामद किए हैं। उसके खिलाफ लखनऊ के मड़ियाओं पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की विभिन्न धाराओं और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (Information Technology Act) की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।