आश्रम-बदरपुर रोड का होगा कायाकल्प, NHAI ने 379 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए मांगे टेंडर

दक्षिण दिल्ली के लोगों के लिए ट्रैफिक जाम से राहत की एक बड़ी उम्मीद जगी है। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मथुरा रोड के एक बेहद व्यस्त हिस्से, यानी आश्रम से बदरपुर बॉर्डर तक के करीब 8 किलोमीटर लंबे सड़क खंड के पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 379 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य इस रूट पर लगने वाले भीषण जाम को खत्म करना और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना है।
इस सड़क खंड से रोजाना करीब 5 लाख वाहन गुजरते हैं, जिससे यहाँ ट्रैफिक का दबाव काफी ज्यादा रहता है। अब NHAI इस हाईवे के कैरीवे की स्थिति सुधारने, पुराने पुलों की मरम्मत करने और चौराहों (इंटरसेक्शन्स) को नए सिरे से डिजाइन करने की तैयारी में है। इसके अलावा, जल निकासी व्यवस्था (ड्रैनेज सिस्टम) को बेहतर बनाया जाएगा और अगले 10 सालों के लिए लाइटिंग, रोड मार्किंग और ट्रैफिक कंट्रोल डिवाइसेस के रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
सिग्नल-फ्री कॉरिडोर बनेगा मथुरा रोड
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि यह हिस्सा पहले दिल्ली PWD के पास था, जिसे दिल्ली सरकार के अनुरोध पर अब NHAI को सौंप दिया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस क्षेत्र के लिए बड़े विजन की बात कही है, जिसमें आश्रम चौक से बदरपुर बॉर्डर के बीच एक 6-लेन एलिवेटेड हाईवे बनाने की योजना भी शामिल है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) 2026 के अंत तक आने की उम्मीद है।
लोकसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने भी पुष्टि की थी कि सरकार मथुरा रोड के इस हिस्से को पूरी तरह 'सिग्नल-फ्री' बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पूरी कवायद के बाद, जब यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा, तो फरीदाबाद और आश्रम के बीच सफर करने वाले यात्रियों के समय में भारी कमी आएगी और सफर काफी आसान हो जाएगा।
प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर 5 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया था और उम्मीद है कि नवंबर 2026 के अंत तक बिडिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।