NGT ने दक्षिणी रिज में अवैध कब्जे को लेकर दिल्ली सरकार और वन विभाग को जारी किए नोटिस

दिल्ली में दक्षिणी रिज (Southern Ridge) क्षेत्र में कथित अतिक्रमण और अवैध रास्तों को लेकर National Green Tribunal (NGT) ने सख्त कदम उठाया है। NGT ने 8 अगस्त 2026 को जारी इन नोटिसों में दिल्ली सरकार और उसके वन विभाग से जवाब मांगा है। यह पूरा मामला दो अलग-अलग मामलों से जुड़ा हुआ है।
असोला और भाटी गांव में अतिक्रमण का मामला
पहला मामला देवेंद्र द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि असोला गांव में वन भूमि (Forest Land) के बीच से फार्महाउस तक पहुंचने के लिए एक रास्ता बनाया गया है, जबकि इस जमीन को आधिकारिक रूप से डाइवर्ट नहीं किया गया था। दूसरा मामला शैलेंद्र द्वारा उठाया गया है, जो भाटी गांव में वन भूमि पर कथित कब्जे से संबंधित है। Special Task Force की रिपोर्ट के अनुसार, खसरा नंबर 961 और 963 का कुछ हिस्सा अधिसूचित वन भूमि है, लेकिन 'Tatima' (प्लॉट का विभाजन) न होने के कारण निजी लोगों ने इस पर कब्जा कर निर्माण कर लिया है। NGT ने Principal Chief Conservator of Forests को निर्देश दिया है कि वे मौके की जांच करें और 15 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई से कम से कम एक हफ्ते पहले एक व्यापक रिपोर्ट जमा करें।
Delhi Ridge की सुरक्षा और नई कार्ययोजना
यह कार्रवाई दिल्ली रिज (Delhi Ridge) की सुरक्षा के लिए चल रहे व्यापक प्रयासों के बीच सामने आई है। 5 अगस्त 2026 को नवगठित Delhi Ridge Management Board (DRMB) ने 6,303.6 हेक्टेयर रिज वनों को कवर करने वाली चार साल की इको-रेस्टोरमेशन योजना को मंजूरी दी है। DRMB अब दिल्ली रिज से जुड़े सभी मामलों के लिए सिंगल-विंडो अथॉरिटी है, जिसे अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने और सुप्रीम कोर्ट को समय-समय पर रिपोर्ट सौंपने का अधिकार दिया गया है। बोर्ड ने बताया कि 7,772.3 हेक्टेयर सीमांकित रिज भूमि में से 4,850.3 हेक्टेयर भूमि को Indian Forest Act की धारा 20 के तहत अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा, Principal Chief Conservator of Forests को Special Task Force के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाने की एक समयबद्ध योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए ANI News पर जाएं।