Gamri में अवैध फैक्ट्रियों पर NGT का बड़ा एक्शन, MCD को ताले तोड़ने की मिली मंजूरी
NGT ने MCD को Gamri में संदिग्ध अवैध औद्योगिक इकाइयों के ताले तोड़ने की अनुमति दी है ताकि प्रदूषण की जांच की जा सके।

पूर्वी दिल्ली के गामरी गांव में अवैध रूप से चल रही औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने एक कड़ा रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया है कि यदि गामरी इलाके में कोई औद्योगिक इकाई संदिग्ध है और उसके ताले बंद हैं, तो दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकृत अधिकारी उन तालों को तोड़कर अंदर प्रवेश कर सकते हैं और निरीक्षण कर सकते हैं। यह फैसला उन इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ करेगा, जिन्होंने पिछले निरीक्षणों के दौरान ताले लगाकर जांच टीम को रोका था।
दरअसल, यह पूरा मामला गामरी गांव में चल रही उन फैक्ट्रियों से जुड़ा है, जिन पर भारी प्रदूषण फैलाने का आरोप है। याचिका में दावा किया गया कि यहां मेटल सरफेस ट्रीटमेंट, निकल इलेक्ट्रोप्लेटिंग, पाउडर कोटिंग, ग्लास मेल्टिंग और फैब्रिक डाइंग जैसे काम किए जा रहे हैं, जिससे इलाके में काफी प्रदूषण फैल रहा है। जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली बेंच ने पाया कि जब भी राजस्व विभाग, DPCC, MCD और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम निरीक्षण के लिए पहुंचती थी, तो प्रॉपर्टी मालिक ताले लगाकर भाग जाते थे या गेट खोलने से इनकार कर देते थे।
पुलिस सुरक्षा और बिजली काटने की तैयारी
निरीक्षण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए NGT ने दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धाराओं 431, 433 और 435 का हवाला दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि कानून के तहत MCD अधिकारियों के पास अवैध रूप से चल रही इकाइयों के ताले तोड़ने का अधिकार है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने पहले हलफनामा दिया था कि पुलिस खुद ताले नहीं तोड़ सकती, जिस पर MCD ने कहा कि अगर उन्हें पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मिले, तो वे यह कार्रवाई करेंगे। अब यह तय हुआ है कि पुलिसकर्मी बॉडी कैमरों के साथ तैनात रहेंगे ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
इस कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए ट्रिब्यूनल ने निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
- यमुना विहार के एसडीएम को अगली जांच के दौरान मौके पर मौजूद रहना होगा।
- BSES यमुना पावर लिमिटेड के प्रतिनिधि को भी संयुक्त समिति में शामिल किया जाएगा।
- अगर कोई इकाई अवैध पाई जाती है, तो BSES तुरंत उसकी बिजली आपूर्ति काट देगा।
- समिति को उन सभी संदिग्ध परिसरों का दोबारा निरीक्षण करना होगा जो पहले बंद मिले थे।
NGT ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह अन्य अवैध इकाइयों के सटीक भौगोलिक निर्देशांक (Coordinates) उपलब्ध कराए, ताकि उनकी भी जांच की जा सके। इस मामले की अगली सुनवाई अब 3 फरवरी, 2027 को होगी।