राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 19 और 20 सितंबर को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। इस सम्मेलन का शीर्षक "The Future of Environment and Climate Dynamics" रखा गया है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य 17 देशों के न्यायाधीशों, न्यायिक प्रतिनिधियों, पर्यावरण विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाना है, ताकि जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण शासन और पर्यावरण न्याय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन का उद्घाटन करने वाले हैं, जबकि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समापन सत्र की मुख्य अतिथि होंगी। इसके अलावा इस सम्मेलन में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल, सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
इस सम्मेलन में 17 देशों के न्यायाधीशों और न्यायिक प्रतिनिधियों के अलावा सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के जज, जिला न्यायपालिका के प्रतिनिधि और भारत के पर्यावरण विशेषज्ञ भाग लेंगे। इसके अलावा विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य न्यायिक अकादमियों, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों और राज्य wetland प्राधिकरणों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
एनजीटी के अनुसार यह सम्मेलन न्यायिक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक ज्ञान और पर्यावरण शासन प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। यह कार्यक्रम पर्यावरण और जलवायु संबंधी चुनौतियों, विशेष रूप से नीति निर्माण की कमियों, उनके क्रियान्वयन और प्रवर्तन पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा। इसके अलावा इस सम्मेलन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित न्यायिक, सरकारी और वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सफल प्रथाओं को साझा करना और आपसी समन्वय को मजबूत करना है।