NexGen Energia ने बढ़ाई CBG प्लांट और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स की तैयारी, देश में ऊर्जा स्वतंत्रता पर जोर

Kittu Kumari12 August 20262 min read59 viewsNational
NexGen Energia ने बढ़ाई CBG प्लांट और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स की तैयारी, देश में ऊर्जा स्वतंत्रता पर जोर

नारियल और कृषि कचरे से ऊर्जा बनाने वाली नोएडा (Noida) की कंपनी NexGen Energia Ltd. ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने सफर और सोच को साझा किया है। कंपनी भारत के कृषि कचरे का इस्तेमाल करके देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने और क्लीन एनर्जी (Clean Energy) की तरफ बढ़ने में मदद कर रही है। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News पर उपलब्ध है। कंपनी देश में ऊर्जा स्वतंत्रता हासिल करने के लिए लगातार काम कर रही है।

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सरकार की नई योजना और बायोएर्जी सेक्टर

यह बात ऐसे समय में सामने आई है जब बायोएर्जी सेक्टर (Bioenergy Sector) को सरकार से काफी समर्थन मिल रहा है। भारत के Union Cabinet ने हाल ही में GOBARdhan (National Circular Bioenergy Scheme) को मंजूरी दी है, जिसमें ₹23,731 करोड़ (USD 2.5 billion) का बजट तय किया गया है। इस योजना का मकसद वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 के बीच देश में CBG का उत्पादन दस गुना बढ़ाना है। इस योजना में City Gas Distribution कंपनियों के लिए अनिवार्य ब्लेंडिंग नियम भी शामिल हैं, जो ट्रांसपोर्ट (CNG) और घरेलू (PNG) दोनों सेक्टरों के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 3% से शुरू होकर वित्त वर्ष 2028-29 से 5% तक हो जाएंगे।

कंपनी का बड़ा निवेश और विस्तार योजना

इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए NexGen Energia अपने इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) का विस्तार कर रही है। कंपनी ने अपने CBG ऑपरेशंस को बढ़ाने के लिए अप्रैल 2025 में कुवैत (Kuwait) की Capital Edge से $1 billion (लगभग ₹8,500 करोड़) की इक्विटी इन्वेस्टमेंट (Equity Investment) हासिल की है। कंपनी का लक्ष्य 2026 तक 1,000 CBG प्लांट स्थापित करना है। NexGen Energia के Sales Director Nishant Tiwari के अनुसार यह कदम एक हरित भारत (Greener India) की ओर तेजी से बढ़ने के लिए बेहद जरूरी है।

फ्यूल इम्पोर्ट में कमी लाने का लक्ष्य

इसके अलावा, NexGen Energia देश भर में 5,000 ग्रीन डीजल और CBG पंप स्थापित करने के लिए 10 वर्षों में ₹15,000 करोड़ का बड़ा निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी का अनुमान है कि इससे फ्यूल इम्पोर्ट (Fuel Imports) में लगभग 30% की कमी आएगी। यह पहल देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता (Energy Self-Sufficiency) में अपना योगदान देगी।

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