किरोड़ी मल कॉलेज में टीबी की नई स्वदेशी जांच तकनीक लॉन्च, मिनटों में होगा रोग का पता

दिल्ली के किरोड़ी मल कॉलेज में 26 सितंबर 2026 को टीबी यानी त,्,य,ि,क,्,स,म,े,ड,ि,क,ल... दिल्ली के किरोड़ी मल कॉलेज में 26 सितंबर 2026 को टीबी जांच की नई स्वदेशी तकनीक का अनावरण किया गया। कॉलेज की केमिस्ट्री सोसाइटी द्वारा आयोजित इस सेमिनार में चिकित्सा क्षेत्र की इस नई उपलब्धि को सबके सामने रखा गया। इस सेमिनार में 150 से अधिक छात्र और 20 संकाय सदस्य शामिल हुए।
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के बायोकेमिस्ट्री विभाग की प्रमुख प्रोफेसर अमिता गुप्ता ने अपनी शोध टीम द्वारा विकसित इस तकनीक को प्रस्तुत किया। प्रोफेसर गुप्ता के अनुसार, यह नई विधि मिनटों में टीबी की पहचान करने में सक्षम है। पारंपरिक परीक्षण प्रक्रियाओं की तुलना में यह तकनीक बहुत कम समय लेती है और इसके लिए किसी महंगे प्रयोगशाला उपकरण की आवश्यकता नहीं होती है।
इस तकनीक से प्रति टेस्ट की लागत लगभग 100 रुपये अनुमानित की गई है। यह तकनीक देश से इस बीमारी को खत्म करने के राष्ट्रीय प्रयासों के दायरे में काम करती है। ऐसे नवाचार 'टीबी मुक्त भारत अभियान' और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय टीबी संभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के लक्ष्यों के अनुरूप हैं केंद्रीय टीबी संभाग संपर्क।
दिल्ली के उपराज्यपाल ने पहले ही इन पहलों की समीक्षा पर जोर दिया है, जिसमें undiagnosed टीबी के मामलों की पहचान के लिए अस्पताल में भर्ती मरीजों की जांच के प्रस्ताव भी शामिल हैं प्रेस सूचना ब्यूरो विज्ञप्ति।