पीस बॉन्ड मामला: दिल्ली पुलिस ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को सौंपे दस्तावेज
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को पीस बॉन्ड मामले में दिल्ली पुलिस ने सबूत सौंपे। अब 29 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के खिलाफ चल रहे पीस बॉन्ड मामले में एक नया मोड़ आया है। शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को नेहा बोरा मंदिर मार्ग थाने में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश हुईं। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए नेहा बोरा के खिलाफ मौजूद सभी जरूरी दस्तावेज और सबूत उन्हें सौंप दिए हैं।
पूरा मामला दरअसल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 126 के तहत जारी एक कारण बताओ नोटिस से जुड़ा है। 17 अक्टूबर को नेहा बोरा को नोटिस दिया गया था, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्यों न उन्हें 10,000 रुपये के पीस बॉन्ड और एक जमानतदार (surety) के लिए मजबूर किया जाए। यह कार्रवाई तब हुई जब 16 अक्टूबर को 'लेहरा दो तिरंगा' मार्च के दौरान उन्हें दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत हिरासत में लिया गया था।
कोर्ट की सख्ती और अगली सुनवाई
इस मामले में नेहा बोरा ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने उनकी याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि जवाब देने का उचित अवसर देने के लिए पुलिस को वे सभी सबूत और सामग्री साझा करनी होगी, जिनके आधार पर यह माना गया है कि शांति भंग होने की आशंका है। इसी आदेश के बाद शनिवार को पुलिस ने दस्तावेज सौंपे।
दस्तावेज मिलने के बाद, स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने नेहा बोरा को अपना औपचारिक जवाब तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
वहीं, नेहा बोरा ने पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि यह सब असहमति की आवाज को दबाने की एक कोशिश है। उनके वकील अधिवक्ता अभिक चिमनी ने बताया कि अब डिफेंस टीम पुलिस द्वारा दिए गए सबूतों का गहन विश्लेषण करेगी और उसके बाद अपना जवाब पेश करेगी।