NEET-UG पेपर लीक मामला: कोर्ट ने सीबीआई को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया

Kittu Kumari30 September 20263 min read2 viewsNational
NEET-UG पेपर लीक मामला: कोर्ट ने सीबीआई को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया

नई दिल्ली में नीट-युजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सात दिन का समय दिया है। स्पेशल जज अजय गुप्ता ने जांच एजेंसी की मांग को स्वीकार करते हुए इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर के लिए तय की है। यह स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट पहले से ही चार्जशीट किए गए 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर सुनवाई कर रहा है। सीबीआई ने इससे पहले 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसका कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। इन आरोपियों में मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवलदार, मनीषा वाघमारे, प्रह्लाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरूर, तेजस हर्षद शाह, शुभम मधुकर खैरनर, धनंजय लोखंडे, यश यादव, मंगीलाल बिव्वाल, दिनेश बिव्वाल और विकास बिव्वाल शामिल हैं। सीबीआई की यह चार्जशीट लगभग 20,000 पन्नों की है जिसमें करीब 360 गवाहों के नाम शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि 3 मई को होने वाली नीट-युजी परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र तैयार करने और अनुवाद प्रक्रिया के दौरान लीक हुए सवाल निकाले गए थे और उन्हें विभिन्न चैनलों के माध्यम से प्रसारित किया गया था।

शेषराव बजरंग सूर्यवंशी की न्यायिक हिरासत और अन्य गिरफ्तारियां

कोर्ट उस आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी उर्फ राज सूर्यवंशी के मामले की भी सुनवाई कर रहा है जिसे सीबीआई ने 2 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया था। सीबीआई के अनुसार सूर्यवंशी चार्जशीट आरोपी शुभम मधुकर खैरनर का करीबी सहयोगी है। एजेंसी का आरोप है कि सूर्यवंशी ने परीक्षा से पहले उम्मीदवारों के लिए कथित तौर पर लीक हुए नीट-युजी 2026 के प्रश्न पत्र का इंतजाम किया था और खैरनर के साथ मिलकर उम्मीदवारों या उनके परिवारों से पैसे वसूले थे। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि सूर्यवंशी उम्मीदवारों को नांदेड़ के एक घर में लेकर गया था जहां उन्हें कथित लीक सवाल उपलब्ध कराए गए थे। सीबीआई के मुताबिक उसने बाद के भुगतान की गारंटी के लिए उम्मीदवारों के मूल शैक्षणिक दस्तावेज और प्रमाण पत्र भी अपने पास रख लिए थे। अपनी निरंतर न्यायिक हिरासत की मांग करते हुए सीबीआई ने कहा था कि विभिन्न उम्मीदवारों से जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों का विश्लेषण अभी भी चल रहा है।

डिजिटल साक्ष्य और परीक्षा से जुड़े अन्य तथ्य

जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और अन्य स्थानों से कई लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने लीक हुए सवालों के प्रसार का पता लगाने के लिए मोबाइल फोन, डिलीट की गई व्हाट्सएप चैट और पीडीएफ फाइलों की फोरेंसिक जांच का सहारा लिया है। एजेंसी का आरोप है कि नीट-युजी 2026 के पेपर लीक में विषय विशेषज्ञों, कोचिंग संस्थान संचालकों और बिचौलियों का एक नेटवर्क शामिल था। सीबीआई का यह भी आरोप है कि परीक्षा से पहले हस्तलिखित नोट्स, तस्वीरों और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए सवाल फैलाए गए थे। नीट-युजी परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी जिसमें 22.7 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। पेपर लीक के आरोपों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की थी। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 7 अक्टूबर को करेगा, जबकि आरोप तय करने पर बहस और सीबीआई की आगे की जांच अदालत के निर्देशों के अनुसार जारी रहेगी।

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