NEET UG 2026: दिल्ली हाईकोर्ट में NTA के खिलाफ याचिका, स्कोर में गड़बड़ी और OMR शीट बदलने का गंभीर आरोप

दिल्ली एनसीआर के छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। NEET UG 2026 परीक्षा में शामिल हुए एक उम्मीदवार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। छात्र का आरोप है कि 16 जुलाई 2026 को रिजल्ट आने के बाद 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर उसका स्कोर बार-बार बदला गया। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में होनी है। छात्र ने यह परीक्षा 21 जून 2026 को दी थी।
- NEET UG 2026 उम्मीदवार ने NTA पर स्कोर में हेरफेर का आरोप लगाया।
- छात्र का स्कोर पहले 650 से घटकर 500 और फिर अगले दिन 135 मार्क्स हो गया।
- याचिका में गलत OMR शीट देने और कैलकुलेशन शीट में गलत तारीख का भी जिक्र है।
स्कोर में लगातार गिरावट और NTA पर सवाल
याचिका के अनुसार, रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र का स्कोर पहले 650 मार्क्स दिखाया गया था। हालांकि, पोर्टल पर दोबारा लॉगिन करने पर उसका स्कोर घटकर 500 मार्क्स हो गया और अगले दिन यह और कम होकर 135 मार्क्स पर आ गया। याचिका में कहा गया है कि NTA ने इन लगातार बदलावों को लेकर कोई भी स्पष्टीकरण नहीं दिया है। इसके अलावा, उम्मीदवार का दावा है कि 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली कार्यालय में NTA अधिकारियों द्वारा उसे जो OMR आंसर शीट दिखाई गई, वह परीक्षा के दौरान भरी गई उसकी असली OMR शीट नहीं थी। NTA अधिकारियों ने कथित तौर पर उसे बताया था कि उनके रिकॉर्ड में यही एकमात्र OMR शीट उपलब्ध है।
ओरिजिनल OMR शीट और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
एडवोकेट विनीत जिंदल द्वारा प्रतिनिधित्व किए जा रहे याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि मूल्यांकन प्रक्रिया की स्वतंत्र रूप से जांच कराने के लिए उसकी मूल भौतिक OMR आंसर शीट और सभी संबंधित परीक्षा रिकॉर्ड को पेश किया जाए और सुरक्षित रखा जाए। याचिका में NTA की एक कैलकुलेशन शीट में आई गलती को भी उजागर किया गया है, जिसमें परीक्षा की तारीख वास्तविक तारीख 21 जून 2026 के बजाय 21 जुलाई 2026 दर्ज है। NTA ने 20 जुलाई 2026 को एक पब्लिक नोटिस में अन्य उम्मीदवारों की ऐसी ही OMR शिकायतों का जवाब दिया था, जिसमें कहा गया था कि कई शिकायतें "फर्जी, डिजिटल रूप से बदली गई या AI-generated OMR शीट और स्कोरकार्ड" के साथ थीं, साथ ही उसने अपने आधिकारिक रिकॉर्ड की स्थिरता की पुष्टि भी की थी।