NEET Paper Leak Case: दिल्ली कोर्ट में आरोपियों ने की पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग टेस्ट की मांग

दिल्ली की राऊस एवेन्यू कोर्ट में NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों ने अपने लिए पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की है। यह आवेदन अधिवक्ता ए.पी. सिंह द्वारा 4 अगस्त 2026 को मंगल लाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की ओर से दायर किया गया था, जो 5 अगस्त 2026 को अदालत के समक्ष आया।
CBI को जवाब दाखिल करने का निर्देश
राऊस एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज अजय गुप्ता ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को इस आवेदन पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि इस अनुरोध की स्वीकार्यता पर बाद में विचार किया जाएगा। इसके साथ ही, अदालत ने CBI को निर्देश दिया कि वह 6 अगस्त 2026 तक NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के सभी 13 आरोपियों को एक व्यापक 20,000-पेज की चार्जशीट उपलब्ध कराए।
चार्जशीट और गवाहों की पूरी जानकारी
CBI की चार्जशीट भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 सहित विभिन्न कानूनों के तहत 13 आरोपियों के खिलाफ दायर की गई है। इसमें 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों का विवरण दिया गया है। दिनेश और विकास बिवाल की जमानत अर्जियों को 6 अगस्त 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है, चार्जशीट मिलने के बाद उन पर बहस होगी। यह विशेष अदालत विशेष रूप से हाल ही में लागू पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई है।