NDMC का बड़ा प्लान: दिल्ली की 157 पार्किंग साइट्स होंगी स्मार्ट, बढ़ सकती है फीस
NDMC दिल्ली के 157 पार्किंग स्थलों को स्मार्ट बना रहा है। FASTag और ANPR कैमरों के साथ पार्किंग फीस में 50% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) राजधानी में पार्किंग की समस्या को सुलझाने और व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। NDMC ने शहर के 157 पार्किंग स्थलों को 'स्मार्ट पार्किंग' सुविधाओं में बदलने के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। इस नई व्यवस्था के जरिए मैनुअल ऑपरेशन्स को पूरी तरह खत्म कर डिजिटल समाधान अपनाए जाएंगे, जिससे वाहन चालकों को सुविधा तो मिलेगी, लेकिन उनकी जेब पर असर भी पड़ सकता है क्योंकि पार्किंग दरों में 50% तक की बढ़ोतरी की संभावना है।
इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 15,060 कार स्पेस (ECS) को तीन अलग-अलग क्लस्टर्स में बांटा गया है। इसमें कनॉट प्लेस की 48 साइट्स, उत्तरी इलाकों की 63 साइट्स और दक्षिणी इलाकों की 46 साइट्स शामिल हैं। नई स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे, FASTag रीडर, बूम बैरियर और रियल-टाइम ऑक्यूपेंसी डिस्प्ले जैसे हाई-टेक फीचर्स होंगे। इतना ही नहीं, लोग मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के जरिए एडवांस बुकिंग और कैशलेस पेमेंट की सुविधा का लाभ भी उठा सकेंगे।
पार्किंग फीस में भारी बढ़ोतरी और नए नियम
जनवरी 2027 से लागू होने वाले प्रस्तावित शुल्क ढांचे के अनुसार, पार्किंग की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। फोर-व्हीलर के लिए ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग की प्रति घंटा दर 20 रुपये से बढ़कर 30 रुपये और ऑन-स्ट्रीट दरें 50 रुपये से बढ़कर 70 रुपये हो सकती हैं। मंथली पास की कीमतों में तो और भी ज्यादा इजाफा होगा; ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग पास 2,000 रुपये से बढ़कर 4,000 रुपये और मल्टी-लेवल पार्किंग पास 1,000 रुपये से बढ़कर 3,300 रुपये तक जा सकते हैं। टू-व्हीलर के लिए भी दरों में वृद्धि की योजना है, जहां ऑफ-स्ट्रीट दरें 10 रुपये से बढ़कर 15 रुपये और ऑन-स्ट्रीट दरें 20 रुपये से 30 रुपये हो सकती हैं।
नियमों को सख्त बनाने के लिए NDMC ने कुछ कड़े प्रावधान भी किए हैं। अगर कोई वाहन 24 घंटे से ज्यादा समय तक खड़ा रहता है, तो उस पर भारी टोइंग चार्ज लगेगा और रात की पार्किंग के लिए डबल फीस वसूली जाएगी। ऐसी स्थिति में सिस्टम तुरंत दिल्ली पुलिस को अलर्ट भेज देगा।
इस पहल में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा का भी ख्याल रखा गया है, जिसके तहत 5% पार्किंग क्षेत्र को 'पिंक स्पॉट्स' के रूप में आरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा, दिव्यांगजनों के लिए समर्पित स्लॉट और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने पहले ही संकेत दिए थे कि वे पार्किंग क्षमता को 175 साइट्स तक बढ़ाना चाहते हैं और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देना चाहते हैं।
निविदा प्रक्रिया के अनुसार, चयनित निजी एजेंसियां इन सुविधाओं का संचालन और रखरखाव पांच साल तक करेंगी। इन एजेंसियों को मासिक लाइसेंस शुल्क के रूप में 6.40 करोड़ रुपये देने होंगे, जबकि NDMC को उम्मीद है कि पूरी तरह कार्यान्वित होने के बाद मासिक राजस्व 7 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।