धूल कम करने के लिए NDMC का बड़ा प्लान, अब रात में चमकाए जाएंगे दिल्ली की सड़कें
NDMC अब रात के समय सड़कों की सफाई पर जोर देगा ताकि सुबह तक धूल कम हो सके। जानें नए प्लान और मशीनों के बारे में।

नई दिल्ली की हवा को साफ बनाने और सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने एक खास रणनीति तैयार की है। पालिका केंद्र में बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने साफ किया कि अब शहर की सड़कों की सफाई के लिए NDMC रोड क्लीनिंग ऑपरेशंस को रात के समय प्राथमिकता दी जाएगी। इसका मकसद यह है कि सुबह होने तक सड़कों पर जमा धूल पूरी तरह साफ हो जाए और लोगों को प्रदूषण से राहत मिले।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छ, हरित और विकसित भारत' के विजन को आगे बढ़ाते हुए कुलजीत सिंह चहल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे रात की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएं। गौरतलब है कि NDMC के दायरे में आने वाली करीब 416 किलोमीटर लंबी सड़कों की सफाई अब रात के समय ज्यादा गहनता से की जाएगी, ताकि सुबह तक धूल का स्तर न्यूनतम रहे।
मशीनों का विस्तार और मिस्ट स्प्रे का जाल
सफाई अभियान को रफ्तार देने के लिए NDMC अपने मैकेनिकल बेड़े को भी बढ़ा रहा है। वर्तमान में परिषद के पास 11 बड़े मैकेनिकल रोड स्वीपर, 4 छोटे स्वीपर, 4 राइड-ऑन स्क्रबर और 20 लिटर पिकर मौजूद हैं। लेकिन अब इसमें और इजाफा किया जा रहा है। जल्द ही 4 और बड़े, 4 मध्यम आकार के मैकेनिकल स्वीपर और 4 लीफ पिकर तैनात किए जाएंगे।
धूल को हवा में उड़ने से रोकने के लिए मिस्ट स्प्रे सिस्टम पर भी जोर दिया जा रहा है। अभी यह सुविधा 6 जगहों पर है, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 तक इसे 26.69 किलोमीटर की सड़कों पर लगे 1,200 बिजली के खंभों तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
इसके अलावा, पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा दिया जा रहा है। दिसंबर 2026 तक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या 157 से बढ़ाकर 204 करने की योजना है, जबकि EV पार्किंग शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यह पूरा कदम इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि 21 अक्टूबर 2026 को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-I उपायों को लागू किया था। इसके तहत डीजल जनरेटर और तंदूरों में कोयले व लकड़ी के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है। NDMC का यह प्रयास 42.7 वर्ग किलोमीटर के उस इलाके को संवारने का है, जहाँ केंद्र सरकार के अहम दफ्तर, दूतावास और बड़े होटल स्थित हैं।