सड़कों की धूल कम करने के लिए रात में होगी सफाई, NDMC उपाध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश
NDMC उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने सड़कों की सफाई के लिए रात की शिफ्ट को प्राथमिकता देने और मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं।

देश की राजधानी में बढ़ते प्रदूषण और सड़कों पर जमा धूल से निपटने के लिए न्यू दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने कमर कस ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छ, हरित और विकसित भारत' के विजन को आगे बढ़ाते हुए NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़कों की सफाई के लिए रात के समय को प्राथमिकता दी जाए। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुबह होने तक सड़कों से धूल का स्तर काफी कम हो जाए और लोगों को साफ वातावरण मिले।
पालिका केंद्र में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि NDMC का कार्यक्षेत्र लगभग 42.7 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें करीब 416 किलोमीटर लंबी सड़कें शामिल हैं। इस इलाके में कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय, विदेशी दूतावास और बड़े होटल हैं, इसलिए यहाँ की स्वच्छता और वायु गुणवत्ता बनाए रखना परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आधुनिक मशीनों और तकनीक का होगा सहारा
सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए NDMC केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं है, बल्कि आधुनिक मशीनरी का उपयोग कर रहा है। वर्तमान में परिषद के पास 11 बड़ी मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें, 4 छोटी मशीनें, 4 राइड-ऑन स्क्रबर्स और 20 लिटर पिकर उपलब्ध हैं। सफाई व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए 4 अतिरिक्त बड़ी और 4 मध्यम आकार की स्वीपिंग मशीनों के साथ-साथ 4 लीफ पिकर खरीदने की योजना भी बनाई गई है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए NDMC ने कई अन्य तकनीकी कदम भी उठाए हैं:
- मिस्ट स्प्रे सिस्टम: शहर के 1,200 बिजली के खंभों पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाए जाएंगे। मन सिंह रोड और तिलक मार्ग जैसे छह स्थानों पर यह पहले से ही काम कर रहे हैं, जबकि अगले एक हफ्ते में अरबिंदो मार्ग और बाराखंबा रोड सहित छह और सड़कों पर इसे शुरू किया जाएगा। नवंबर 2026 तक इसे कई अन्य प्रमुख सड़कों तक विस्तारित किया जाएगा।
- एंटी-स्मॉग गन: सर्दियों में स्मॉग की समस्या से निपटने के लिए लीला, ताज महल और आईटीसी मौर्या जैसे 10 बड़े निजी होटलों और मॉल के साथ-साथ पालिका भवन, लोक नायक भवन और प्रगति भवन जैसी NDMC की इमारतों में एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं।
इन व्यापक उपायों के जरिए NDMC का लक्ष्य दिल्ली के इस महत्वपूर्ण हिस्से को न केवल स्वच्छ बनाना है, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा और वायु प्रदूषण में कमी लाकर नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना भी है।