प्रदूषण पर लगाम: NDMC ने दोगुनी की पार्किंग फीस, MCD के इलाकों में नहीं बढ़ा दाम
प्रदूषण कम करने के लिए NDMC ने पार्किंग फीस दोगुनी कर दी है, जबकि MCD के इलाकों में दाम पुराने ही रहेंगे। जानें पूरी डिटेल।

दिल्ली की सड़कों पर बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत NDMC पार्किंग फीस बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है, जिससे अब राजधानी के कई इलाकों में गाड़ी खड़ी करना महंगा हो गया है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने 1 नवंबर से अपने सभी पार्किंग लॉट्स में फीस को दोगुना कर दिया है।
यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की सिफारिशों के बाद उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को निजी डीजल और पेट्रोल वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि सर्दियों में हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। यह बढ़ी हुई दरें 28 फरवरी तक लागू रहेंगी, या फिर तब तक जब तक प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो जाता और GRAP की पाबंदियां नहीं हटतीं।
MCD के इलाकों में क्यों नहीं बढ़े दाम?
एक तरफ जहां NDMC ने फीस बढ़ा दी है, वहीं दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों में पार्किंग रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गौरतलब है कि दिल्ली का लगभग 96% भौगोलिक क्षेत्र MCD के अंतर्गत आता है। अधिकारियों के मुताबिक, MCD हाउस से इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई है, जिस वजह से दाम नहीं बढ़ाए जा सके।
इसके अलावा, MCD ने निजी पार्किंग ऑपरेटरों के साथ किए गए जटिल कॉन्ट्रैक्ट्स का हवाला दिया है, जिसकी वजह से तुरंत बदलाव करना मुश्किल था। बताया जा रहा है कि पार्किंन फीस बढ़ाने के प्रस्तावों को राजनीतिक स्तर पर भी विरोध का सामना करना पड़ा है, क्योंकि पार्षदों को जनता के गुस्से का डर था।
हालांकि, पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए कुछ छूट भी दी गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को इस बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है, जिससे उनकी पार्किंग लागत पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के मुकाबले काफी कम रहेगी। साथ ही, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा संचालित पार्किंग स्थलों पर भी फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।