NDMC की बड़ी राहत: अब इन छोटे निर्माण कार्यों के लिए नहीं चाहिए बिल्डिंग परमिट

NDMC ने मरम्मत और छोटे निर्माण कार्यों के लिए बिल्डिंग परमिट की अनिवार्यता खत्म की है। जानें कौन से काम अब बिना अनुमति के हो सकेंगे।

Kittu Kumari24 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
NDMC की बड़ी राहत: अब इन छोटे निर्माण कार्यों के लिए नहीं चाहिए बिल्डिंग परमिट

नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने शहर के मकान मालिकों और संपत्ति स्वामियों के लिए एक बड़ी राहत दी है। अब छोटे-मोटे मरम्मत और रखरखाव के कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और बिल्डिंग प्लान की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। NDMC ने 22 अक्टूबर 2026 को एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर उन कार्यों की सूची स्पष्ट की है, जिन्हें अब बिल्डिंग परमिट की आवश्यकता से छूट दी गई है।

यह कदम 'यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज फॉर दिल्ली, 2016' के आधार पर उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक बोझ को कम करना और आम लोगों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से बचाना है। NDMC के चेयरमैन मनोज कुमार द्विवेदी ने 21 अक्टूबर को इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि लोगों को स्पष्टता मिले ताकि उन्हें उन कामों के लिए आवेदन न करना पड़े जिनके लिए अनुमति की जरूरत ही नहीं है। इससे प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा होने वाली संभावित परेशानी और उत्पीड़न पर भी लगाम लगेगी।

किन कामों के लिए मिलेगी छूट?

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NDMC द्वारा जारी सूची के अनुसार, अब आप निम्नलिखित काम बिना किसी पूर्व अनुमति के कर सकते हैं:

  • आंतरिक मरम्मत: घर के अंदर प्लास्टर करना, पेंटिंग, फ्लोरिंग बदलना और मौजूदा ऊंचाई पर छत की मरम्मत।
  • दरवाजे और खिड़कियां: दरवाजों और खिड़कियों में किए जाने वाले मामूली बदलाव।
  • अन्य गैर-संरचनात्मक कार्य: क्लैडिंग, ईंटों, पत्थरों, खंभों और बीम की पैच मरम्मत, साथ ही आंतरिक विभाजन (पार्टिशन)।
  • सजावट: सफेदी (whitewashing) और फॉल्स सीलिंग लगवाना, बशर्ते कि सीलिंग का उपयोग लॉफ्ट या मेजेनाइन बनाने के लिए न किया जाए।
  • बाहरी कार्य: निजी जमीन के भीतर बाउंड्री वॉल, पैरापेट, 75 सेमी तक चौड़े सनशेड, लैंडस्केपिंग और पब्लिक आर्ट इंस्टॉलेशन।

इसके अलावा, सरकारी एजेंसियों द्वारा जनहित में बनाए जाने वाले 25 वर्ग मीटर से छोटे सार्वजनिक उपयोग के ढांचे, जैसे सार्वजनिक शौचालय, ट्रैफिक और पुलिस कंट्रोल रूम, एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम, वर्टिकल गार्डन और सोलर पैनल को भी इस छूट के दायरे में रखा गया है।

सावधान: अवैध निर्माण पर नहीं मिलेगी राहत

हालांकि, NDMC ने यह साफ कर दिया है कि इस छूट का मतलब अवैध निर्माण की अनुमति देना नहीं है। अतिरिक्त मंजिल बनाना, जमीन के उपयोग (land use) में बदलाव करना या स्वीकृत प्लान और सेटबैक नियमों का उल्लंघन करना अभी भी अपराध माना जाएगा। सभी कार्य संरचनात्मक स्थिरता और अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुरूप होने चाहिए। साथ ही, हेरिटेज बिल्डिंग्स के लिए पुराने संरक्षण नियम लागू रहेंगे। किसी भी संरचनात्मक खराबी के लिए संपत्ति मालिक, वास्तुकार और इंजीनियर ही पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।

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