राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने दक्षिण-पूर्व दिल्ली में 17 साल की एक नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। यह घटना 21 सितंबर 2026 की शाम को कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में हुई, जहां पीड़िता मंदिर दर्शन के बाद अपने एक पुरुष मित्र के साथ टहल रही थी। आरोप है कि तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को धमकाया, लड़की को उसके दोस्त से अलग किया और एक सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया।
इस मामले में NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर
तय समय सीमा में व्यापक जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। इसके अलावा, NCW ने सार्वजनिक पार्कों के सुरक्षा ऑडिट, पुलिस बनकर ठगी रोकने के उपाय और पीड़िता व उसके परिवार को चिकित्सा, कानूनी व मनोवैज्ञानिक सहायता देने को कहा है। दिल्ली पुलिस ने घटना के 12 घंटे के भीतर ही
तीनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी आसिफ को पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद पकड़ा गया। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कर आरोपियों को दबोचा। इस मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऐसे अपराध अस्वीकार्य हैं और दिल्ली सरकार उत्पीड़न के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। उन्होंने तेज और सख्त पुलिस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि विभाग ऐसे संवेदनशील मामलों में 95 प्रतिशत से अधिक का क्लीयरेंस रेट रखता है, जो तेज जांच के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है। इस घटना ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।