महिलाओं की सुरक्षा के लिए NCW की नई गाइडलाइन्स, अब ऐप-कैब और ऑटो में होंगे कड़े नियम

ऐप-आधारित ट्रांसपोर्ट सेवाओं जैसे कैब, ऑटो-रिक्शा और बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने व्यापक गाइडलाइन्स जारी की हैं। 5 अक्टूबर 2026 को जारी इन दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य बुकिंग से लेकर मंजिल तक पहुंचने तक महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। NCW की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इन उपायों को तुरंत लागू करने का आग्रह किया है।
ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन और पैनिक बटन होगा अनिवार्य
इन नए नियमों के तहत, अब ट्रांसपोर्ट एग्रीगेटर्स के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे किसी भी ड्राइवर को ऑनबोर्ड करने से पहले उनका गहन बैकग्राउंड चेक और पुलिस वेरिफिकेशन करवाएं। इतना ही नहीं, समय-समय पर इन विवरणों की समीक्षा भी की जाएगी। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए यह भी तय किया गया है कि ऐप पर दिखने वाले वाहन और ड्राइवर की जानकारी वास्तविक सर्विस प्रोवाइडर से मेल खानी चाहिए। अगर कोई विसंगति पाई जाती है, तो यात्री बिना किसी पेनल्टी के राइड कैंसिल कर सकेंगे।
सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर जोर देते हुए NCW ने निम्नलिखित प्रावधान किए हैं:
- कैब में फिजिकल पैनिक बटन लगाना अनिवार्य होगा।
- 24x7 कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाए जाएंगे, जो रीयल-टाइम रूट विचलन और संदिग्ध ठहराव की निगरानी करेंगे।
- भरोसेमंद संपर्कों के साथ राइड डिटेल्स ऑटो-शेयर करने की सुविधा और समर्पित SOS बटन दिए जाएंगे।
- देर रात की यात्राओं के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी और सुरक्षित ड्रॉप-ऑफ प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा, ड्राइवरों के लिए जेंडर-सेंसिटाइजेशन ट्रेनिंग अनिवार्य की गई है और कंपनियों को महिला ड्राइवरों का एक पूल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर महिला यात्री महिला ड्राइवर का विकल्प चुन सकें।
शिकायतों के निवारण के लिए एक समयबद्ध तंत्र बनाया जाएगा, जिसके जरिए ड्राइवर के दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की शिकायतों को सीधे कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाया जा सकेगा। चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कहा कि ये उपाय महिलाओं को गरिमा, सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ यात्रा करने में मदद करेंगे, जिसके लिए परिवहन अधिकारियों, पुलिस और सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।